समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को राजनीतिक गलियारे में हलचल पैदा करते हुए भाजपा और चुनाव आयोग पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने पश्चिम बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी की जीत का भरोसा जताया और उत्तर प्रदेश की चुनावी मशीनरी पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। अखिलेश यादव ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त और आयोग की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए।
अखिलेश यादव ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की जीत का फिर दावा करते हुए कहा कि भाजपा लाख कोशिश, बेईमानी और साज़िश कर ले, उसके बावजूद बंगाल की जनता उसे हराएगी।
यादव ने यहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान संसद में प्रस्तावित महिला आरक्षण के आधार पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि जब 2011 से आबादी बढ़ गई है तो आधी आबादी और बढ़ गई होगी, तो जो आज की जनसंख्या है उस पर आरक्षण की बात होनी चाहिए।
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मुख्य निर्वाचन आयुक्त को लेकर अंदेशा जताते हुए उन्होंने कहा कि ज्ञानेश अब और बेईमानी करेंगे तथा उत्तर प्रदेश के चुनाव में निर्वाचन आयोग और बेइमानी करेगा।
उन्होंने आयोग को निशाना बनाते हुए दावा किया कि वह मतदाता समावेशन सुनिश्चित करने के अपने कर्तव्य में विफल रहा है।
उन्होंने कहा, “मतदाताओं को जोड़ना निर्वाचन आयोग का काम है, लेकिन ऐसा पहली बार लग रहा है कि आयोग का ध्यान मतदाताओं को हटाने पर केंद्रित है।”
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उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई और बेरोजगारी बढ़ रही है और चुनाव के बाद स्थिति और खराब हो जाएगी।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा मित्रों का मानदेय बढ़ाने पर उन्होंने कहा,“उस समय (2017) शिक्षामित्रों ने हमारा साथ दिया होता तो आज उत्तर प्रदेश में समाजवादी सरकार होती और शिक्षामित्रों के पास सरकारी नौकरी होती। भविष्य में भी अगर उन्हें कोई न्याय दिला सकता है तो समाजवादी सरकार है।
नोट- यह खबर पीटीआई भाषा द्वारा प्रसारित की गयी है लेखक ने बस मामूली शाब्दिक और व्याकरण से संबंधित बदलाव किए हैं-










