प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रख्यात समाज सुधारक ज्योतिराव फुले की जयंती पर शनिवार को उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन समानता, न्याय और शिक्षा के आदर्शों के लिए समर्पित था।
फुले का जन्म 11 अप्रैल, 1827 को महाराष्ट्र में हुआ था और उनका निधन 28 नवंबर, 1890 को हुआ।
मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, महान समाज सुधारक महात्मा फुले के 200वीं जयंती वर्ष के समारोहों का आरंभ हो रहा है। उन्होंने अपना पूरा जीवन शिक्षा, ज्ञान और जन कल्याण को समर्पित कर दिया।
उन्होंने लिखा, वे महिलाओं और हाशिए पर पड़े लोगों के अधिकारों की वकालत करने में अग्रणी थे।
प्रधानमंत्री ने लिखा, उनके विचार सामाजिक प्रगति की दिशा में सभी का मार्गदर्शन करते रहें।
उन्होंने कहा कि फुले के प्रयासों से शिक्षा सशक्तीकरण का एक शक्तिशाली माध्यम बनी।
शिक्षा को बनाया सशक्तीकरण का माध्यम
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि महात्मा फुले के प्रयासों के कारण ही शिक्षा सशक्तीकरण का एक शक्तिशाली माध्यम बन सकी। मोदी ने कामना की कि उनके विचार आने वाली पीढ़ियों को सामाजिक प्रगति और न्याय के पथ पर चलने के लिए निरंतर मार्गदर्शन देते रहें।
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महात्मा ज्योतिराव फुले की 200वीं जयंती का अवसर केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि उनके द्वारा दिखाए गए समानता और बंधुत्व के मार्ग पर चलने के संकल्प का दिन है। केंद्र सरकार और विभिन्न सामाजिक संगठन इस पूरे वर्ष को उनके आदर्शों के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित कर रहे हैं।









