MP News:मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Dr Mohan Yadav) ने कहा है कि प्रदेश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता का स्तर अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर है।
गुणवत्ता बनाए रखते हुए इसे और भी श्रेष्ठ बनाने के प्रयास किए जाएं। वर्ष 2021-22 में प्रदेश का सकल पंजीयन अनुपात 28.9 है जो राष्ट्रीय स्तर के सकल पंजीयन अनुपात 28.4 से अधिक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में बहु विषयक दृष्टिकोण (मल्टी डिसप्लीनरी एप्रोच) के अंतर्गत एक लाख 25 हजार से अधिक विद्यार्थी अपने मूल विषयों के अलावा अन्य विषयों के अध्ययन का भी लाभ ले चुके हैं। निश्चित ही यह महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
बता दें कि उच्च शिक्षा में उपयोगी नवाचार जारी रखकर शिक्षा स्तर को ज्यादा बेहतर बनाने के प्रयास हों।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति : 2020 के प्रमुख बिंदु बहुविषयक दृष्टिकोण में जहां कला संकाय के 18 हजार विद्यार्थियों ने वाणिज्य और विज्ञान की शिक्षा प्राप्त की, वहीं वाणिज्य संकाय के एक लाख से अधिक विद्यार्थियों ने कला और विज्ञान की शिक्षा प्राप्त की। मध्यप्रदेश में विज्ञान संकाय के ऐसे विद्यार्थियों की संख्या 11 हजार है, जिन्होंने कला और वाणिज्य विषय का चयन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनेक बिन्दुओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य है। उच्च शिक्षा व्यवस्था में स्नातक स्तर पर कृषि जैसे विषय के अध्ययन के प्रावधान के भी अच्छे परिणाम प्राप्त हुए हैं। सात विश्वविद्यालयों और 18 शासकीय स्वशासी महाविद्यालयों में बी.एससी कृषि पाठ्यक्रम का संचालन और एविएशन के सर्टिफिकेट कोर्स संचालक का 5 विश्वविद्यालयों में क्रियान्वयन हुआ है।
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