दरअसल, स्मार्ट सिटी के तहत चल रहे कई करोड़ों के प्रोजेक्ट्स में पहले भी निर्माण की गुणवत्ता पर कई सवालिया निशान उठ चुके हैं। इस बार फिर से सड़क निर्माण में हुई लापरवाही ने निगम प्रशासन, महापौर और आयुक्त को सवालों के कठघरे में खड़ा कर दिया है।
कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि वार्ड क्रमांक 40 में सड़क निर्माण के पहले ट्रांसफॉर्मर हटाया जाना चाहिए था, लेकिन प्रशासन और ठेकेदार ने इसे नजरअंदाज कर दिया। सड़क किनारे मौजूद ट्रांसफॉर्मर सड़क के बीचोंबीच खड़ा है। जिससे बड़े वाहनों के निकलने से लोगों की आवाजाही प्रभावित होगी।











