हरदा: CM Rise School: सीएम राइज़ स्कूल की राह आसान नहीं है। कभी बच्चों को कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है, तो कभी कीचड़ में फंसी बस को धक्का लगाना पड़ता है। सरकार ने स्कूलों के नाम तो बदल दिए हैं लेकिन अव्यवस्थाएं आज तक नहीं बदली है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अबगांव कला का नाम बदलकर सीएम राइज़ विद्यालय कर दिया गया है लेकिन स्कूल तक पहुँचने के लिए आज भी दस गाँवों के करीब 180 बच्चों को कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है।
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CM Rise School: बता दें की दूसरे गाँवों से स्कूल तक आने के लिए बस सेवा शुरू की गई है, लेकिन केवल एक ही बस है और बच्चों की संख्या अधिक होने के कारण कक्षा पहली से पाँचवीं तक के छोटे बच्चों को बस में नहीं बैठाया जा रहा। इसकी शिकायत बच्चों के पालकों ने स्कूल प्राचार्य से की, तो प्राचार्य ने कहा अगर बच्चों को बस में बैठाने के लिए स्कूल भेजते हो तो उनकी टीसी ले जाओ।
CM Rise School: इस मामले में डीपीसी बलवंत पटेल का कहना है कि टीसी ले जाने जैसी बात शिक्षक नहीं कह सकते। संभवतः आवेश में आकर ऐसा कहा गया होगा। हम इसकी जाँच करवाएँगे और यदि कोई शिक्षक दोषी पाया जाता है, तो उस पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
क्या सीएम राइज़ स्कूल में बच्चों को कीचड़ से गुजरना पड़ता है?
हाँ, स्कूल तक पहुंचने के लिए बच्चों को कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है क्योंकि सही सड़क की व्यवस्था अभी तक नहीं हुई है।
सीएम राइज़ स्कूल में बस सेवा कैसी है?
स्कूल के लिए बस सेवा तो शुरू की गई है, लेकिन बस एक ही है और बच्चों की संख्या ज्यादा होने के कारण छोटे बच्चों को बस में बैठने की अनुमति नहीं मिल रही।
क्या स्कूल प्राचार्य ने बच्चों को बस में बैठाने के लिए टीसी ले जाने को कहा है?
प्राचार्य ने ऐसा कहा था, लेकिन डीपीसी बलवंत पटेल ने इसे गलत बताया और कहा कि शिक्षक ऐसा नहीं कह सकते।
इस मामले में क्या कार्रवाई होगी?
डीपीसी ने कहा है कि मामले की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल तक बच्चों की पहुंच की समस्याओं का समाधान कब होगा?
सरकारी अधिकारियों द्वारा जांच और सुधार के बाद ही इस समस्या का समाधान संभव है, फिलहाल बच्चे कीचड़ और बस सेवा की समस्या झेल रहे हैं।











