जबलपुर: Jabalpur Bargi Dam: मध्यप्रदेश में हो रही लगातार बारिश के चलते प्रदेश की तमाम नदियाँ और नाले उफान पर हैं। महाकौशल अंचल सहित जबलपुर में भी झमाझम बारिश का सिलसिला जारी है जिससे नर्मदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। इसी कारण नर्मदा नदी पर बने बरगी बांध में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।बांध प्रबंधन द्वारा स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बरगी बांध के 21 में से 17 गेट खोल दिए गए हैं। इन गेटों से लगभग 2 लाख 92 हजार 514 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है।
Jabalpur News: एरियल व्यू से बरगी बांध का दृश्य बेहद विहंगम और रोमांचकारी नजर आ रहा है लेकिन इसके साथ ही यह खतरे की भी घंटी बजा रहा है। बांध का जलस्तर तेज़ी से बढ़ने पर प्रबंधन ने अतिरिक्त पानी निकालने के लिए गेटों की ऊंचाई और संख्या बढ़ाने का फैसला लिया है। बांध के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर राजेश सिंह गौंड ने जानकारी दी कि यदि कैचमेंट एरिया में बारिश यूं ही जारी रही तो और गेट खोले जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि बरगी बांध की अधिकतम ऊंचाई 422.75 मीटर है, लेकिन ऑपरेशन मैन्युअल के मुताबिक 31 जुलाई तक जलस्तर को 417.50 मीटर तक सीमित रखना अनिवार्य है। इसी के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है।
Jabalpur Bargi Dam: बरगी बांध के गेट खुलने के बाद नर्मदा नदी के जलस्तर में तेज़ी से वृद्धि हुई है। जबलपुर समेत नर्मदा के तटीय जिलों में प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है और आमजन से नर्मदा किनारे न जाने की अपील की गई है। नर्मदा की तेज धार और उफान का असर विश्व प्रसिद्ध भेड़ाघाट धुआंधार पर भी देखने को मिल रहा है। बढ़ते जलस्तर के कारण धुआंधार जलप्रपात के दोनों छोर समतल हो चुके हैं। लम्हेटा से भेड़ाघाट को जोड़ने वाला मार्ग भी बाणगंगा पुल के जलमग्न होने से बंद कर दिया गया है। जिला प्रशासन संभावित जलप्लावन और आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। नर्मदा किनारे स्थित पुलों व तटीय क्षेत्रों में पुलिस और प्रशासनिक टीमें तैनात कर दी गई हैं। जलस्तर यदि इसी तरह बढ़ता रहा तो निचले इलाकों में जनजीवन पर बड़ा असर पड़ सकता है।
बरगी बांध के कितने गेट खोले गए हैं?
बरगी बांध के 21 में से 17 गेट खोल दिए गए हैं, ताकि अतिरिक्त जल का “निकासी” किया जा सके।
“बरगी बांध जलस्तर” को कितना रखने का निर्देश है?
ऑपरेशन मैन्युअल के अनुसार 31 जुलाई तक “बरगी बांध जलस्तर” को 417.50 मीटर तक सीमित रखना अनिवार्य है।
“नर्मदा नदी का जलस्तर” बढ़ने से कौन-कौन से इलाके प्रभावित हो सकते हैं?
“नर्मदा नदी का जलस्तर” बढ़ने से जबलपुर, भेड़ाघाट, लम्हेटा और अन्य तटीय क्षेत्र प्रभावित हो सकते हैं, जहां अलर्ट जारी किया गया है।
क्या “भेड़ाघाट धुआंधार” अभी पर्यटकों के लिए खुला है?
फिलहाल “भेड़ाघाट धुआंधार” के आसपास के मार्ग जैसे बाणगंगा पुल जलमग्न हो चुके हैं, इसलिए सुरक्षा के लिहाज़ से भ्रमण से बचना चाहिए।
“नर्मदा नदी बाढ़ अलर्ट” की स्थिति में क्या करना चाहिए?
“नर्मदा नदी बाढ़ अलर्ट” जारी होने पर नर्मदा किनारे जाने से बचें, प्रशासन और आपदा प्रबंधन के निर्देशों का पालन करें।











