Contract Employees News Today: संविदा कर्मचारियों ने नियमितीकरण सहित इन मांगों को लेकर खोला मोर्चा / Image Source: IBC24 Customized
भोपाल: Contract Employees News Today विद्युत विभाग में कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने एक बार फिर अपनी मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है और आज राजधानी में प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर संविदा कर्मचारियों ने “यूनाइटेड फोरम फॉर पावर एम्प्लॉईज एंड इंजीनियर्स” के बैनर तले प्रदर्शन का ऐलान किया है। दोपहर करीब 12 बजे सभी संविदा कर्मचारी नीलम पार्क में जमा होंगे।
Contract Employees News Today मिली जानकारी के अनुसार संविदा कर्मचारियों ने अपनी मांगों को सरकार के सामने रखने के लिए समय मांगा था, लेकिन उर्जा विभाग के अपर प्रमुख सचिव ने समय नहीं दिया। इससे पहले दो बार उर्जा मंत्री को भी संविदा कर्मचारियों ने वार्ता के लिए पत्र लिखा था, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। ऐसे में संविदा कर्मचारियों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया है।
फिलहाल प्रदेश के विद्युत विभाग में 5000 संविदा कर्मचारी कार्यरत हैं, जो मीटर रीडिंग, बिल वितरण, नए कनेक्शन, मेंटेनेंस, सुधार कार्य, ऑफिस के कामकाज को संभालते हैं। वहीं, जानकारी ये भी मिल रही है कि नियमितीकरण नहीं किए जाने से नाराज होकर 10-15 साल तक सेवाएं दे चुके कर्मचारी भी नौकरी छोड़ रहे हैं। ऐसे में संविदा कर्मचारी हड़ताल पर चले गए तो ये सेवाएं बाधित हो सकती है।
संविदा कर्मचारियों को सीधे नियमित किया जाए
- बिजली कंपनियों में गृह जिला ट्रांसफर (कंपनी टू कंपनी) नीति बनाई जाए
- संविदा नीति 2023 में महंगाई भत्ता DA, इंक्रीमेंट जोड़ा जाए
- राजस्व सहायक अधिकारी एवं कार्यालय सहायक उच्च शिक्षा प्राप्त समकक्ष पद पर तकनीकी पद दिया जाए। प्रथम हायर स्केल दिया जाए
- मध्य क्षेत्र में संविदा परीक्षण सहायक की वेतन विसंगति दूर की जाए
- संविदा नीति 2023 में पूर्व से निर्धारित भर्ती में 50% आरक्षण दिया जाए
- राष्ट्रीय अवकाश एवं उत्सव अवकाश में संविदाकर्मियों को काम करने पर दोगुना मानदेय दिया जाए
- नियमित कर्मियों के समान नियम अनुसार 9, 18, 35 वर्ष पूर्ण करने पर उच्च वेतनमान एवं प्रमोशन दिया जाए
- शासकीय सेवा में संविदा से सीधी भर्ती होने पर 3 वर्ष की परीक्षा अवधि 70, 80 और 90 नियमावली को समाप्त किया जाए
संविदा कर्मचारियों की 9 सूत्रीय मांगों में “संविदा नीति 2023” का क्या रोल है?
संविदा नीति 2023 को अपडेट करने की मांग की जा रही है ताकि इसमें DA, इंक्रीमेंट और प्रमोशन जैसी सुविधाएं भी शामिल की जा सकें।
क्या संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की कोई प्रक्रिया है?
फिलहाल कोई स्पष्ट प्रक्रिया नहीं है, लेकिन प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य संविदा से सीधी नियुक्ति की मांग को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना है।
क्या संविदा कर्मचारी हड़ताल पर जा सकते हैं?
अगर सरकार कोई सुनवाई नहीं करती तो संभावित हड़ताल से बिजली सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
“संविदा नीति 2023” में कितनी भर्तियों में आरक्षण की मांग है?
संविदा कर्मचारी 50% आरक्षण की मांग कर रहे हैं जो पूर्व से निर्धारित भर्तियों पर लागू हो।
संविदा से शासकीय सेवा में भर्ती होने पर “3 वर्ष परीक्षा अवधि” को हटाने की क्या वजह है?
कर्मचारी इसे अन्यायपूर्ण और अनावश्यक बाधा मानते हैं और इसे समाप्त करने की मांग कर रहे हैं ताकि उन्हें समान अधिकार मिल सकें।











