बालाघाट: Balaghat News: ज़िले में बना एक पुराना पुल इन दिनों लोगों की जान का दुश्मन बन चुका है। हम बात कर रहे हैं X आकार के पुल की जो अपनी अजीब बनावट के कारण आए दिन हादसों का सबब बन रहा है…अब तक ये पुल करीब एक दर्जन जानें निगल चुका है और आधा सैकड़ा से ज़्यादा हादसे हो चुके है लेकिन आज तक न मरम्मत हुई, न चेतावनी के बोर्ड यहां लगाए गए।
Balaghat News: बालाघाट-सिवनी नेशनल हाईवे पर कोयलारी गांव में बना यह पुल करीब 15 साल पहले बनाया गया था इसकी बनावट एक्स आकार की है यानी चार दिशाओं से आ रही सड़कें बीच में आकर एक ही पुल पर चढ़ती है ऐसे में रात के समय या तेज रफ्तार में चल रहे वाहन चालकों को पुल की दिशा समझ नहीं आती और फिर बड़ा हादसा हो जाता है। अब तक इस पुल पर दर्जनों बाइक, कार, ट्रक और डंपर पलट चुके है और दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है हाल ही में एक डंफर पुल की रेलिंग तोड़कर लटक गया। गनीमत ये रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।
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Balaghat News: पुल पर न कोई संकेत बोर्ड है, न स्पीड ब्रेकर और न ही कोई चेतावनी चिन्ह हादसों के बाद भी विभागीय अमला अब तक बेखबर बना हुआ है। भोपाल का 90 डिग्री ब्रिज, इंदौर का Z ब्रिज और अब बालाघाट का एक्स डिजाइन का पुल इसमें फर्क केवल इतना ही है कि यहां हादसे हो चुके हैं, जानें जा चुकी हैं। लेकिन फिर भी जिम्मेदारों की नींद नहीं टूटी।
“बालाघाट एक्स ब्रिज हादसा” किस कारण से होता है?
“बालाघाट एक्स ब्रिज हादसा” मुख्य रूप से पुल की एक्स आकार की बनावट, दिशा भ्रम, संकेतों की कमी और तेज रफ्तार के कारण होते हैं।
“बालाघाट एक्स ब्रिज हादसा” में अब तक कितनी जानें जा चुकी हैं?
खबर के अनुसार अब तक लगभग एक दर्जन लोगों की जान जा चुकी है और आधे सैकड़े से अधिक हादसे हो चुके हैं।
क्या “बालाघाट एक्स ब्रिज हादसा” को लेकर कोई सरकारी कार्रवाई हुई है?
अभी तक न तो पुल की मरम्मत की गई है, न चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही विभागीय अमले ने कोई ठोस कार्रवाई की है।
“बालाघाट एक्स ब्रिज हादसा” से बचाव के लिए क्या सुझाव दिए गए हैं?
सुरक्षा संकेत, स्पीड ब्रेकर, रात में रिफ्लेक्टिव बोर्ड, उचित लाइटिंग और पुनः डिजाइनिंग जैसे सुझाव दिए जा रहे हैं।
क्या “बालाघाट एक्स ब्रिज हादसा” को लेकर कोई जन आंदोलन या जन याचिका दायर हुई है?
फिलहाल ऐसी कोई जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन लगातार हो रहे हादसों के बाद स्थानीय लोग आवाज उठाने लगे हैं।











