उज्जैन/इंद्रेश सूर्यवंशी : Mahakal Mandir Ujjain: श्रावण माह की शुरुआत होते ही बाबा महाकाल के दरबार में देशभर से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। उज्जैन स्थित विश्वप्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिदिन लाखों भक्त दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। लेकिन आस्था के इस पर्व पर कुछ लोग श्रद्धा से ज्यादा दिखावे में लगे हैं। मंदिर की पवित्रता और गरिमा को दरकिनार कर कुछ युवा मंदिर को रील बनाने का स्थल समझ बैठे हैं।
Mahakal Mandir Ujjain: हाल ही में श्रावण माह के पहले दिन मंदिर परिसर में बनाए गए कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं, जिनमें श्रद्धालुओं का आचरण मंदिर की मर्यादा के खिलाफ नजर आ रहा है। मंदिर में रील बनाने की होड़ पवित्रता पर सवाल श्रावण के पहले सोमवार को वायरल हुए एक वीडियो में एक कपल को महाकाल मंदिर के शिखर के ठीक नीचे खड़े होकर कपल डांस करते हुए रील बनाते देखा गया। युवक युवती का हाथ पकड़कर उसे घुमा रहा है और इस दौरान कई श्रद्धालु आसपास मौजूद हैं। जब लोगों ने इस दृश्य को देखा तो उन्होंने मौके पर ही कपल को ऐसा करने से रोका और मंदिर की गरिमा बनाए रखने की सलाह दी। वहीं एक अन्य युवती ने मंदिर परिसर में अशोभनीय वस्त्र पहनकर खिंचवाया गया फोटो इंस्टाग्राम पर साझा किया जिसमें उसने लिखा की श्रावण के पहले दिन बाबा महाकाल के दर्शन हुए।
Mahakal Mandir Ujjain: मंदिर में रील बनाना अधर्म है इस पूरी मामले को लेकर अखिल भारतीय पुजारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. महेश शर्मा ने मंदिर में हो रहे इस तरह के अशोभनीय कृत्यों पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहाना है कि “मंदिर केवल दर्शन करने और आध्यात्मिक ऊर्जा अर्जित करने का स्थान है, न कि फिल्मांकन और मनोरंजन का केंद्र। खासकर युवतियों को अपने पहनावे को लेकर संवेदनशील होना चाहिए। मंदिर में रील बनाना सबसे बड़ा अधर्म है। यह मंदिर शिक्षा स्थली की तरह होता है, यहां का वातावरण भक्तों के चरित्र निर्माण के लिए होता है। उन्होंने यह भी कहा कि मंदिरों को कॉरिडोर के रूप में विकसित किए जाने के बाद रील और फोटो का चलन तेजी से बढ़ा है, जिससे धार्मिक स्थलों की गरिमा को ठेस पहुंच रही है।
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Mahakal Mandir Ujjain: आजकल कुछ लोग मंदिर में गले में हाथ डालकर दोस्तों को नचाते हुए वीडियो बना रहे हैं जो धर्मस्थल की छवि धूमिल कर रहे हैं। मोबाइल पर प्रतिबंध के बावजूद चोरी-छिपे वीडियो बनाए जा रहे महाकाल मंदिर समिति ने परिसर में मोबाइल ले जाने पर प्रतिबंध लगा रखा है। दर्शन के पहले श्रद्धालुओं को मोबाइल लॉकर में जमा कराना अनिवार्य है। इसके बावजूद कई लोग नियमों की अवहेलना करते हुए मोबाइल छुपाकर मंदिर में ले जाते हैं। ऐसा ही एक मामला हाल ही में सामने आया, जिसमें एक युवती ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर किया। वीडियो में उसने बताया कि किस तरह वह मोबाइल को चोरी-छिपे मंदिर परिसर के भीतर ले गई और उसकी ‘ट्रिक’ भी शेयर की।
क्या महाकाल मंदिर में रील बनाना प्रतिबंधित है?
हां, महाकाल मंदिर में रील बनाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। मंदिर समिति ने परिसर में मोबाइल फोन ले जाने पर भी रोक लगा रखी है ताकि मंदिर की पवित्रता और गरिमा बनी रहे।
यदि कोई महाकाल मंदिर में रील बनाते हुए पकड़ा जाए तो क्या कार्रवाई होती है?
महाकाल मंदिर में रील बनाते हुए पकड़े जाने पर व्यक्ति के खिलाफ मंदिर समिति या प्रशासन कानूनी कार्रवाई कर सकता है। कुछ मामलों में पुलिस रिपोर्ट भी दर्ज की जाती है।
क्या महाकाल मंदिर परिसर में मोबाइल ले जाना पूरी तरह मना है?
जी हां, महाकाल मंदिर में रील बनाने पर रोक लगाने के लिए श्रद्धालुओं को मोबाइल फोन लॉकर में जमा कराना अनिवार्य किया गया है। मंदिर में मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं है।
क्या महाकाल मंदिर में रील बनाने की घटनाओं पर पुजारियों ने प्रतिक्रिया दी है?
हां, अखिल भारतीय पुजारी महासंघ और कई वरिष्ठ पुजारियों ने महाकाल मंदिर में रील बनाना “अधर्म” और “मंदिर की मर्यादा के खिलाफ” बताया है। वे इसे धार्मिक स्थल के अपमान के रूप में देखते हैं।
महाकाल मंदिर में रील से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर कैसे वायरल हो रहे हैं?
कई लोग चोरी-छिपे मोबाइल मंदिर में ले जाकर महाकाल मंदिर में रील बनाते हैं और इंस्टाग्राम, फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उसे वायरल करते हैं, जो नियमों की सीधी अवहेलना है।











