जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पुलवामा में 2019 में आज ही के दिन आतंकवादी हमले में शहीद हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों को शनिवार को श्रद्धांजलि अर्पित की।
उपराज्यपाल ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ‘‘ 2019 में पुलवामा के उस भयानक आतंकवादी हमले में बलिदान देने वाले वीर शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि। देश के प्रति उनकी अटूट निष्ठा, बहादुरी और निस्वार्थ सेवा हमेशा हर नागरिक को प्रेरित करती रहेगी।’’
एक आत्मघाती हमलावर ने 14 फरवरी 2019 को विस्फोटकों से लदे वाहन से सीआरपीएफ जवानों की बस को टक्कर मार दी थी जिसमें 40 जवान शहीद हो गए थे। कुछ दिनों बाद भारत ने जवाबी हमला किया जिसे ‘बालाकोट एयरस्ट्राइक’ के नाम से जाना जाता है।
घटना क्या थी?
पुलवामा आतंकी हमला भारत के इतिहास की सबसे दर्दनाक और वीभत्स घटनाओं में से एक है। आज (14 फरवरी, 2026) इस हमले की 7वीं बरसी है, जिसे पूरा देश ‘ब्लैक डे’ (Black Day) के रूप में मना रहा है और उन वीर शहीदों को नमन कर रहा है।
14 फरवरी 2019 को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के करीब 2,500 जवानों का एक बड़ा काफिला 78 वाहनों में सवार होकर जम्मू से श्रीनगर जा रहा था। जब यह काफिला पुलवामा के लेथपोरा (Lethapora) इलाके में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर पहुँचा, तभी विपरीत दिशा से आ रही एक विस्फोटक लदी कार ने काफिले की एक बस को टक्कर मार दी।
टक्कर होते ही एक भीषण धमाका हुआ, जिसमें 40 वीर जवान शहीद हो गए और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। यह धमाका इतना शक्तिशाली था कि बस के परखच्चे उड़ गए और इसकी आवाज़ कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई।










