महाराष्ट्र के पालघर शहर से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है। पालघर ईस्ट के जैन मंदिर इलाके में पुलिस की कथित कार्रवाई और लाठीचार्ज से बचने की कोशिश में तीन युवकों ने अपनी जान गंवा दी। रेलवे ट्रैक पार करते समय तीनों युवक एक तेज रफ्तार मालगाड़ी की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। चश्मदीदों और परिजनों का आरोप है कि तभी स्थानीय पुलिस वहां पहुंची और अचानक लाठीचार्ज शुरू कर दिया। पुलिस के डर से युवक बदहवास होकर पास के रेलवे ट्रैक की ओर भागने लगे, जहाँ वे सामने से आ रही मालगाड़ी को देख नहीं पाए।
जैन मंदिर के पास हुई घटना
यह दुखद घटना पालघर ईस्ट के ओल्ड पालघर स्थित जैन मंदिर के पास हुई। यहां तीन युवक—स्वप्निल शैलेश पालंदे (23), कुणाल कुमार दुबला (23) और अफरोज खलील शेख (28)—जो सभी पालघर ईस्ट के वीरेंद्र नगर के रहने वाले थे, काल के गाल में समा गए। चश्मदीदों और परिजनों के बयानों के अनुसार, जब स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची, तो यह युवकों का समूह वहीं मौजूद था। आरोप है कि पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, जिससे घबराकर पीड़ित युवक पास ही स्थित रेलवे ट्रैक की ओर भागने लगे। जान बचाने की अपनी इस हताश कोशिश में, वे ट्रैक पार करके सीधे सामने से आ रही एक मालगाड़ी के रास्ते में आ गए, जिसके परिणामस्वरूप उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
परिजनों का आरोप: पुलिस की बर्बरता के कारण फैली दहशत
शोक संतप्त परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि लाठीचार्ज पूरी तरह से अकारण था और युवकों के ट्रैक पर भागने के लिए सीधे तौर पर पुलिस ही ज़िम्मेदार है। मृतकों में से एक की बहन दर्शना सिंह और एक रिश्तेदार सूरज सिंह ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए, घटना के कारणों की गहन जांच की मांग की है। उन्होंने बताया कि ये युवक—संभवतः किसी मामूली कहा-सुनी या नियमित जांच-पड़ताल में शामिल थे—पुलिस की कार्रवाई से बुरी तरह डर गए थे, जिसके चलते उन्होंने जान बचाने के लिए रेलवे ट्रैक की ओर दौड़ लगा दी। इस घटना ने स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है; लोग पुलिस के आचरण पर सवाल उठाते हुए दोषियों की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।
GRP की प्रतिक्रिया: जांच जारी है
घटना की सूचना मिलते ही, राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। उन्होंने तीनों शवों को अपने कब्ज़े में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अधिकारियों ने घटनाक्रम की सटीक जानकारी जुटाने के लिए जांच शुरू कर दी है। इस जांच में यह पता लगाया जाएगा कि पुलिस ने शुरू में हस्तक्षेप क्यों किया था और क्या इस दौरान अत्यधिक बल का प्रयोग किया गया था। पालघर पुलिस का कहना है कि विस्तृत जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह महज़ एक दुर्घटना थी या इसका संबंध किसी पिछली घटना से था।
पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले फोरेंसिक रिपोर्ट और चश्मदीदों के बयानों के नतीजों का इंतज़ार करें। पूरा समुदाय इन होनहार युवकों की असामयिक मृत्यु पर शोक मना रहा है। इस घटना ने एक बार फिर से, अधिक जोखिम वाले क्षेत्रों में रेलवे सुरक्षा और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के कामकाज से जुड़ी चिंताओं को उजागर कर दिया है।










