नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद काठमांडू में फंसे नागपुर के 102 तीर्थयात्री रविवार सुबह सुरक्षित महाराष्ट्र लौट आए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इन 102 तीर्थयात्रियों के साथ विदर्भ क्षेत्र के अन्य हिस्सों के चार यात्री भी 19 अगस्त को पशुपतिनाथ मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए नेपाल गए थे।
बाढ़ आने के एक दिन बाद यानी 27 अगस्त तक वे काठमांडू में ही रुके रहे। विदर्भ के चार तीर्थयात्री शनिवार को विमान से यहां पहुंचे, जबकि अन्य 102 यात्री रविवार तड़के करीब 4.30 बजे ट्रेन से नागपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे। भारतीय जनता पार्टी (भाज्पा) की नागपुर इकाई के अध्यक्ष दयाशंकर तिवारी यात्रियों के स्वागत के लिए रेलवे स्टेशन पहुंचे।
तीर्थयात्री योगेश गवांडे ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा कि वह भाग्यशाली हैं कि इतनी बड़ी त्रासदी के बीच सुरक्षित भारत लौट सके। नेपाल में आई इस बाढ़ में अब तक कम से कम 675 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 2,400 लोग लापता बताए जा रहे हैं। एक अन्य तीर्थयात्री ने उन्हें सुरक्षित नागपुर पहुंचाने की व्यवस्था करने के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का आभार जताया।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, फडणवीस नेपाल के सांसद संदीप राणा के लगातार संपर्क में थे और तीर्थयात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए जरूरी व्यवस्थाओं पर नजर रख रहे थे। एक तीर्थयात्री ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि वापसी के दौरान वे 28 अगस्त को बस से काठमांडू से बिहार के जनकपुर पहुंचे और अगले दिन दानापुर पहुंचे। इसके बाद वे पटना गए, जहां से उन्होंने नागपुर के लिए ट्रेन पकड़ी।
तीर्थयात्री दल का नेतृत्व कर रहे पंडित श्रीधर त्रिपाठी ने बताया कि दल की एक सदस्य 72 वर्षीय निर्मला पांडेय को दिल का दौरा पड़ने के बाद काठमांडू के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि उनका बेटा नागपुर से काठमांडू पहुंच गया है। इससे पहले शनिवार सुबह विदर्भ के चार तीर्थयात्री, जिनमें तीन महिलाएं शामिल थीं, सुरक्षित नागपुर लौट आए, जिससे उनके परिवारों ने राहत की सांस ली।
इन चार यात्रियों में वर्धा की इंदिरा चौधरी (65), सुलोचना खापरे तथा हिंगनघाट के दीपक पांडे और वर्षा उपाध्याय शामिल हैं। ये सभी विदर्भ के उस तीर्थयात्री समूह का हिस्सा थे, जो पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन के लिए नेपाल गया था। ये चारों 28 अगस्त को काठमांडू से विमान के जरिए दिल्ली पहुंचे थे और वहां से शनिवार सुबह केरल एक्सप्रेस से नागपुर लौटे।





