अंकिता भंडारी हत्याकांड से कथित तौर पर जुड़े एक ‘‘वीआईपी’’ की संवैधानिक पद पर नियुक्ति रोकने की मांग को लेकर यहां इंडिया गेट पर धरना दे रहे अंकिता के माता-पिता और कांग्रेस के कुछ नेताओं को बृहस्पतिवार तड़के हिरासत में ले लिया। कांग्रेस ने पुलिस पर अंकिता के माता-पिता के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, पुलिस ने तड़के करीब चार बजे अंकिता के माता-पिता और प्रदर्शन में शामिल अन्य लोगों को हिरासत में लिया।
बाद में सभी को रिहा कर दिया गया। कांग्रेस नेताओं सुप्रिया श्रीनेत, पवन खेड़ा और काजी निजामुद्दीन ने पुलिस की कार्रवाई की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि न्याय की मांग करने वालों को निशाना बनाया जा रहा है। अंकिता के माता-पिता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने का विरोध कर रहे थे और बुधवार को इंडिया गेट पर धरने पर बैठ गए थे।
उनका आरोप है कि हत्याकांड में जिस कथित ‘‘वीआईपी’’ की भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे हैं, वह गौतम हैं। सितंबर 2022 में हुई इस हत्या के समय गौतम भाजपा के उत्तराखंड प्रभारी थे। हालांकि, इन आरोपों पर भाजपा या गौतम की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने बुधवार देर शाम इंडिया गेट पहुंचकर अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की और न्याय की लड़ाई में परिवार को समर्थन देने का भरोसा दिलाया था। राहुल गांधी ने बाद में ‘एक्स’ पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि चार साल बीत जाने के बावजूद अंकिता के परिवार को न्याय नहीं मिला है। अंकिता के पिता ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से दुष्यंत गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति रोकने का अनुरोध करते हुए कहा कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच पूरी होने तक गौतम को राज्यपाल नियुक्त नहीं किया जाना चाहिए।
ऋषिकेश के निकट वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट रही 19 वर्षीय अंकिता की सितंबर 2022 में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों को अदालत ने दोषी ठहराया था और तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
