Crime News: श्रीराम मंदिर (Shri Ram Temple) नीमच सिटी (Neemuch City) की भूमि पर अवैध अतिक्रमण करने के मामले में हाल ही में लोकायुक्त उज्जैन ने डॉ. रमेश (Dr Ramesh Dak) पिता बसंतीलाल दक के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था।
दरअसल, इसी तरह से एक और मामला सामने आया है। महू—नीमच हाईवे किनारे भूमि वाले किसानों ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक को शिकायत दर्ज करवाई है, जिसमें डॉ. दक (Dr Ramesh Dak) के खिलाफ कार्यवाही की मांग की गई है वहीं दूसरी और डॉ. दक (Dr Ramesh Dak) द्वारा अवैध तरीके से रास्ते पर किए गए कब्जे को मुक्त कर रास्ता खुलवाने की मांग की है। शहर के महू—नीमच हाईवे किनारे पटवारी हल्का नीमच सिटी में सर्वे नंबर 1961/3/3, रकबा 0.9180,1961/3/2, रकबा 0.1200,1961/3/1, रकबा 0.2570 हेक्टेयर के खातेधारक सहित अन्य किसानों के लिए 25 फीट का रोड राजस्व रिकार्ड में दर्ज है। इसके पास ही डॉ रमेश दक की सर्वे नंबर 1973/4, रकबा 0.1940 हेक्टेयर भूमि लगी हुई है। शिकायतकर्ता देवेंद्र पिता नंदूलाल माली निवासी बगीचा नंबर 13 सहित कई किसानों ने एसपी को दर्ज करवाई शिकायत में उल्लेख किया गया कि डॉ रमेश दक (Dr Ramesh Dak) ने षडयमंत्रपूर्वक आम रास्ते की भूमि को अपनी भूमि में मिला लिया है, सिर्फ दस से 12 फीट का ही आम रास्ता रह गया है, जबकि यह रास्ता राजस्व रिकार्ड में 25 फीट चौडाई का होकर बरसों से राजस्व रिकार्ड में दर्ज है।
बता दें कि डॉ रमेश दक (Dr Ramesh Dak) ने पास में लगी भूमि में उक्त रास्ते की भूमि को मिला कर अतिक्रमण कर लिया है, जिससे आम रास्ता अवरूद्ध हो रहा है।
डॉ रमेशदक (Dr Ramesh Dak) को अगर आस—पास के काश्तकार या भूमि स्वामी रास्ता खाली करने व अतिक्रमण छोडने की बोलते है तो डॉ रमेश दक द्वारा धमकाया जाता है। डॉ रमेशचंद्र दक द्वारा गुंडागर्दी भी की जाती है और प्रार्थी को भी धमकाया गया है। डॉ रमेश दक नीमच का भू माफिया होकर सरकारी भूमि पर कब्जा करने के मामले में भी चर्चित रहा है। कुछ दिन पूर्व ही इसी जमीन के आगे महू रोड पर श्री राम भगवान की भूमि पर कब्जा करने के मामले में भी डॉ रमेश दक (Dr Ramesh Dak) के खिलाफ लोकायुक्त उज्जैन में प्रकरण दर्ज हुआ है, डॉ रमेश दक की महू रोड पर कई भूमिया है, डॉ रमेश दक ने अपनी निजी जमीन की आड में सरकारी भूमियों व अन्य किसानों की भूमियों पर भी कब्जा कर रखा है, नीमच सिटी हल्के में जितनी भी डॉ रमेश दक व रेखा दक के नाम से भूमियां है, उनकी जांच पडताल की जाकर शासकीय भूमियों व अन्य किसानों की भूमियों को अतिक्रमण मुक्त करवाया जाए।
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