Shivraj Singh Chauhan Birthday: MP के CM से Modi Cabinet तक, जानें Shivraj Singh Chauhan की अनसुनी Political Power Story

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मध्यप्रदेश की राजनीति का सबसे भरोसेमंद चेहरा और जनता के ‘मामा’ शिवराज सिंह चौहान आज यानी की 05 मार्च को अपना 67वां जन्मदिन मना रहे हैं। उन्होंने छात्र राजनीति से लेकर प्रदेश के सबसे लंबे समय तक सीएम रहने तक का सफर तय किया। वर्तमान समय में वह केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री हैं। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर शिवराज सिंह चौहान के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में…

जन्म और परिवार

वहीं 05 मार्च 1959 को साधारण किसान परिवार में शिवराज सिंह चौहान का जन्म हुआ। इनके पिता का नाम प्रेम सिंह और मां का नाम सुंदरबाई चौहान था। शिवराज सिंह चौहान ने गांव की मिट्टी से उठकर प्रदेश की राजनीति के शीर्ष तक पहुंचने का सफर आसान नहीं था। शिवराज ने छात्र जीवन से राजनीति की शुरूआत की थी। उन्होंने संगठन में सक्रिय भूमिका, फिर विधानसभा औऱ लोकसभा की सीढ़ियां चढ़ते हुए अपनी एक अलग कार्यशैली बनाई।

राजनीतिक सफर

शिवराज सिंह चौहान मध्यप्रदेश के सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री बनें। लंबे समय तक प्रदेश के नेतृत्व करना अध्याय हो या अन्य जिम्मेदारी, शिवराज ने अपने हर काम को मिशन की तरह लिया। आज शिवराज सिंह चौहान केंद्र में कृषि एवं ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाल रहे हैं। यहां उनका फोकस किसानों और गांवों की रीढ़ को मजबूत करने पर है।

‘मामा’ बने शिवराज

राजनीति में कई नेता अपने पद से पहचाने जाते हैं, लेकिन शिवराज सिंह चौहान रिश्ते से पहचाने जाते हैं। शिवराज सिंह ‘मामा’ के नाम से जाने जाते हैं। उनका मानना है कि जिसके दिल में बेटियों के लिए दो माताओं जितना स्नेह हो, वही सच्चा मामा है।
शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में बेटियों औऱ महिलाओं के लिए कई योजनाएं चलाईं, जिससे इस रिश्ते को जन्म दिया। लाडली लक्ष्मी योजना ने हजारों परिवारों को बेटियों के भविष्य और शिक्षा के लिए आर्थिक रूप से संबल बनाया। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना ने गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में सहारा दिया। धीरे-धीरे बेटियों ने शिवराज को ‘मामा’ कहना शुरू कर दिया। जिसके बाद यह संबोधन युवाओं और फिर बुजुर्गों तक पहुंचा। आज राजनीति के मंच से लेकर गांव की चौपाल तक शिवराज सिंह चौहान हर जगह ‘मामा’ कहे जाते हैं।
आमतौर पर लंबा कार्यकाल अपने साथ चुनौतियां भी लेकर आता है। शासन के दौरान कई बार विपक्ष ने शिवराज सिंह चौहान पर सवाल उठाए। उनकी नीतियों की आलोचना हुई और चुनावी उतार-चढ़ाव आए। लेकिन शिवराज सिंह ने हर चुनौती को राजनीतिक संघर्ष की तरह लिया।



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