Singrauli News: डिजिटल युग में शिक्षा की समान पहुँच सुनिश्चित करने की दिशा में अदाणी फाउंडेशन की ‘आईटी ऑन व्हील्स’ पहल ग्रामीण अंचलों के बच्चों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल रही है। सिंगरौली जिले के बंधौरा स्थित महान एनर्जेन लिमिटेड परियोजना क्षेत्र में ‘उत्थान’ कार्यक्रम के तहत सुदूर गांवों के शासकीय विद्यालयों में निःशुल्क कंप्यूटर शिक्षा प्रदान की जा रही है, जिससे अब तक करीब 900 विद्यार्थियों को डिजिटल सीखने का अवसर मिला है।
यह कार्यक्रम बंधौरा पावर प्लांट के आसपास स्थित नगवा, करसुअलाल, करसुआराजा, सुहिरा, अमिलिया, रैला और बंधौरा गांवों के आठ शासकीय विद्यालयों में संचालित किया जा रहा है। विद्यार्थियों को कंप्यूटर की मूल जानकारी, टाइपिंग, इंटरनेट का सुरक्षित उपयोग, डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म और प्रेजेंटेशन स्किल्स का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे उनमें आत्मविश्वास, तार्किक सोच और तकनीकी दक्षता विकसित हो रही है।
कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत शुरू की गई इस पहल की सबसे खास बात है मोबाइल कंप्यूटर वैन, जो प्रतिदिन गांव-गांव जाकर बच्चों तक शिक्षा पहुँचाती है।
35 लैपटॉप और 2 प्रशिक्षित आईटी शिक्षकों की मदद से कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों को निःशुल्क कंप्यूटर प्रोग्रामिंग की बुनियादी जानकारी दी जा रही है। प्रारंभिक चरण में कक्षा 4 से 8 तक के बच्चों को डिजिटल साक्षरता से जोड़ा गया है, ताकि वे भविष्य की शिक्षा और तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।

इस पहल की सराहना करते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं जिला परियोजना समन्वयक रामलखन शुक्ला ने कहा, “ग्रामीण बच्चों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने की यह पहल बेहद सराहनीय है।
इससे बच्चे भविष्य की पढ़ाई और रोजगार की आवश्यकताओं के लिए स्वयं को तैयार कर पा रहे हैं।” स्थानीय विद्यालय प्रबंधन, पंचायत प्रतिनिधियों और अभिभावकों ने भी इसे ग्रामीण शिक्षा के क्षेत्र में एक दूरगामी और परिवर्तनकारी कदम बताया है।
उल्लेखनीय है कि सीएसआर प्रमुख एवं कार्यक्रम प्रबंधक मनोज प्रभाकर के नेतृत्व में अदाणी फाउंडेशन द्वारा ‘उत्थान’ कार्यक्रम के अंतर्गत बंधौरा, नगवा, करसुआराजा, करसुअलाल, सुहिरा, अमिलिया, रैला और खैराही पंचायतों के 21 शासकीय विद्यालयों को जोड़ा गया है। इसके लिए स्थानीय शिक्षित युवाओं को प्रशिक्षित कर प्रत्येक विद्यालय में शिक्षक नियुक्त किए गए हैं, जिससे सैकड़ों छात्र-छात्राएं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से लाभान्वित हो रहे हैं।
इसके साथ ही ‘उड़ान’ कार्यक्रम के माध्यम से माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को औद्योगिक प्रतिष्ठानों का भ्रमण कराया जाता है। इन विज़िट्स के दौरान बच्चे बिजली उत्पादन, ट्रांसफॉर्मर की कार्यप्रणाली, कोयला और भाप से ऊर्जा निर्माण जैसे विषयों को नज़दीक से समझते हैं। साथ ही, विशेषज्ञों द्वारा उन्हें तकनीकी शिक्षा और करियर निर्माण को लेकर मार्गदर्शन भी दिया जाता है।
कुल मिलाकर, अदाणी फाउंडेशन की यह पहल ग्रामीण बच्चों को डिजिटल दुनिया से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर, सक्षम और विकसित भारत का सहभागी बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम साबित हो रही है।
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