इस कार्यशाला में देशभर से खगोलविद्, वैज्ञानिक शामिल होंगे। डोंगला में आचार्य वराहमिहिर न्यास द्वारा अवादा फाउंडेशन के आर्थिक सहयोग और कोलकाता के डीप स्काई प्लेनेटेरियम के तकनीकी मार्गदर्शन से तारामंडल तैयार किया गया है।
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डॉगला गांव से गुजरती है कर्क रेखा
महिदपुर तहसील का ऐतिहासिक ग्राम डोंगला खगोल और ज्योतिष विज्ञान की दृष्टि से विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यहीं से कर्क रेखा गुजरती है। वर्ष 2013 में सीएम की पहल पर यहां वराहमिहिर खगोलीय वेधशाला की स्थापना हुई। वेधशाला को आइआइए बेंगलूरु व एसाइज नैनीताल का सहयोग मिला।
लोगों को खगोल घटनाओं का मिलेगा अनुभव
1.6 करोड़ रुपए की लागत से बने वातानुकूलित तारामंडल में 8 मीटर व्यास का एफआरपी डोम है, जिसमें ई-विजन 4 डिजिटल प्रोजेक्टर और डिजिटल साउंड सिस्टम लगाया गया है। एक समय में 55 लोग तारों की दुनिया का रोमांचकारी अनुभव ले सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस अवसर पर पद्मश्री डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर वेधशाला में शंकुयंत्र के जरिए शून्य छाया का अवलोकन भी करेंगे।











