मध्यप्रदेश: छिंदवाड़ा में रहस्यमयी किडनी संक्रमण! 22 दिन में 7 बच्चों की मौत, ICMR जांच में जुटी

By
On:
Follow Us


मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में पिछले 22 दिनों में गुर्दे के संक्रमण से सात बच्चों की मौत ने गंभीर चिंता पैदा कर दी है। जिला प्रशासन सक्रिय है और जिलाधिकारी ने चिकित्सकों को तत्काल उपचार व नागपुर एम्स में रेफर करने के निर्देश दिए हैं, वहीं मुख्यमंत्री ने भी त्वरित और सर्वोत्तम उपचार सुनिश्चित करने को कहा है।

इसे भी पढ़ें: सिर्फ़ दो महीने में टूटा भरोसा! Dhanashree Verma बोलीं- Yuzvendra Chahal ने शादी के बाद दिया धोखा

 

ताजा घटना में मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के चार साल के बच्चे की किडनी में कथित संक्रमण के कारण महाराष्ट्र के नागपुर स्थित एक अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि पिछले 22 दिनों में किडनी में संक्रमण के ऐसे ही मामलों में छिंदवाड़ा के सात बच्चों की मौत हो चुकी है। इस तरह के मामलों की बढ़ती संख्या ने जिले के अधिकारियों का सकते में डाल दिया है।

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में सितंबर में संदिग्ध किडनी संक्रमण से 7वें बच्चे की मौत


अधिकारियों ने बताया कि छिंदवाड़ा जिले के दिघवानी गांव के रहने वाले विकास यदुवंशी (चार) की शनिवार को नागपुर के अस्पताल में मौत हो गई और अगले दिन उसका अंतिम संस्कार उसके पैतृक स्थान पर किया गया। अधिकारियों ने बताया कि जिला मुख्यालय से करीब 55 किलोमीटर दूर तामिया और समीपवर्ती कोइलांचल इलाकों में इस प्रकार के किडनी संक्रमण के मामले अधिक आए हैं और यहां के निजी अस्पतालों में अब भी कुछ बच्चों का इलाज जारी है।

 संक्रमण के लक्षण दिखने वाले बच्चों को हरसंभव चिकित्सा 


छिंदवाड़ा के जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह ने कहा कि सरकारी चिकित्सकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे संक्रमण के लक्षण दिखने वाले बच्चों को हरसंभव चिकित्सा देखभाल प्रदान करें और पूरी तरह से सक्रिय रहें। उन्होंने कहा, ‘‘जिन मरीजों को तत्काल बेहतर उपचार की आवश्यकता है, उन्हें एम्स नागपुर (क्षेत्र से लगभग 150 किलोमीटर दूर) में रेफर किया जाना चाहिए। जरूरत पड़ने पर लोगों की जान बचाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार की ‘पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा’ की व्यवस्था की जाएगी।’’
सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उनसे फोन पर बात की और उनसे मरीजों को शीघ्र और सर्वोत्तम उपचार सुनिश्चित करने के लिए कहा।

इसे भी पढ़ें: खालिस्तानी विवाद के बाद भारत-कनाडा रिश्तों में पिघली बर्फ, जयशंकर ने कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद से मुलाकात की

 

एक से सात साल की उम्र के सात बच्चों की संक्रमण के कारण मौत  

जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक पटेल ने बताया कि अब तक एक से सात साल की उम्र के सात बच्चों की संक्रमण के कारण मौत हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की एक टीम ने हाल में प्रभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया और परीक्षण के लिए नमूने एकत्र किए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘भोपाल से स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने भी घरों से पानी के नमूने एकत्र किए। इन्हें पुणे की प्रयोगशाला में भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौतों के सही कारण का पता चल पाएगा।’’

पहला संदिग्ध मामला 24 अगस्त को सामने आया था 

कार्यवाहक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) नरेश गुन्नाडे ने कहा कि संक्रमण का पहला संदिग्ध मामला 24 अगस्त को सामने आया था और उसके बाद पहली मौत सात सितंबर को हुई थी।
अधिकारियों के अनुसार, इस बीमारी के शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार और पेशाब करने में कठिनाई आना शामिल है।
अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में छिंदवाड़ा जिले में तीन और नागपुर में चार बच्चों का इलाज हो रहा है और उनकी हालत खतरे से बाहर है।



Source link

For Feedback - vindhyaajtak@gmail.com 

Leave a Comment

Breaking News