संजय वर्मा फर्जी नाम है, जो सिर्फ Truecaller पर डाला गया
एसपी ने बताया कि संजय वर्मा फर्जी नाम है, जो सिर्फ Truecaller पर डाला गया था। इस नंबर का असल में इस्तेमाल राज कुशवाहा कर रहा था। इस बीच, जांच में पता चला है कि सोनम और राज के बीच 39 दिन में 234 बार बात हुई। ये बातचीत 1 मार्च से 8 अप्रैल के बीच हुई। हर कॉल 30 से 60 मिनट के बीच की है।
सोनम के भाई ने बताया कोई संजय नाम के व्यक्ति को नहीं जानता
इससे पहले सोनम के भाई गोविंद ने बताया था कि वह किसी संजय वर्मा को नहीं जानता। मुझे पता चला है कि पुलिस की जांच में कोई संजय नाम सामने आ रहा है लेकिन मैंने उसके बारे में पहले नहीं सुना। गोविंद ने कहा कि वह नारको टेस्ट के लिए तैयार है। अगर राजा रघुवंशी का परिवार चाहता है तो मैं टेस्ट करवा सकता हूं। जो भी सच्चाई है, वो सामने आनी चाहिए।
सोनम के पास दो फोन थे
गोविंद ने बताया कि सोनम 10 से 20 हजार रुपये लेकर गई थी। उसके पास कुछ फोन भी थे लेकिन सबसे ज्यादा महंगी चीजों मसलन जेवर तक यहीं छोड़ गई थी। उसके पास दो मोबाइल फोन थे- एक दफ्तर का और दूसरा पर्सनल था। मेघालय पुलिस सोनम और राज के परिवारों से लगातार पूछताछ कर रही है ताकि यह पता चल सके कि मर्डर के पीछे उद्देश्य क्या था। पुलिसवाले यह पता लगाने में जुटे हैं कि कहीं हत्या की कोई और वजह तो नहीं।
23 मई से लापता था राजा रघुवंशी
बता दें कि 11 मई को राजा रघुवंशी की सोनम से शादी हुई थी। फिर 20 मई को नवविवाहित जोड़ा मेघालय घूमने गया और 23 मई से राजा लापता हो गया। इसके कुछ दिन बाद सोनम यूपी के गाजीपुर में मिली। 8 जून को विकास चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी के पकड़े जाने के बाद उसने सरेंडर कर दिया था। सभी पर राजा रघुवंशी की हत्या और साजिश रचने का आरोप है।











