हरियाणवी सिंगर और लोकप्रिय यूट्यूबर अंकित बालियान हत्याकांड में उत्तर प्रदेश पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) को बड़ी सफलता मिली है। सोमवार तड़के शामली जिले के पास हुई एक भीषण मुठभेड़ में पुलिस ने हत्या में शामिल दो मुख्य आरोपियों को ढेर कर दिया। मारे गए बदमाशों की पहचान मोहित और सुमित के रूप में हुई है। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि हरियाणवी सिंगर और यूट्यूबर अंकित बालियान की हत्या में शामिल दो मुख्य आरोपियों को उत्तर प्रदेश पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने एनकाउंटर में मार गिराया है। उनकी पहचान मोहित और सुमित के तौर पर हुई है।
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पुलिस के मुताबिक, दोनों को सुबह करीब 4 बजे नेशनल हाईवे (NH) 709AD (जिसे पानीपत-खटीमा हाईवे भी कहा जाता है) के पास मोटरसाइकिल पर देखा गया था। यह इलाका सदर कोतवाली पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आता है।
अधिकारियों ने बताया कि मोहित और सुमित से सरेंडर करने के लिए कहा गया, लेकिन वे भागने की कोशिश करने लगे और वहां मौजूद पुलिसकर्मियों पर गोली चला दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने खेड़ी करमू गांव के जंगल के पास फायरिंग की और दोनों को मार गिराया।
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शामली के एसपी (SP) नरेंद्र प्रताप सिंह ने पत्रकारों को बताया, “सुबह करीब 4 बजे मोटरसाइकिल पर सवार दो अपराधी पुलिस चेकपोस्ट के पास से गुज़रे। जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो अपराधियों ने रुकने के बजाय जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। एक गोली पुलिस की गाड़ी में लगी और बदमाश भागने की कोशिश करने लगे।”
उन्होंने आगे कहा, “पुलिस से घिरने के बाद उन्होंने बचाव की मुद्रा अपनाई और जान से मारने की नीयत से फायरिंग की। इस मुठभेड़ में हमारे दो कॉन्स्टेबल गंभीर रूप से घायल हो गए; उन्हें CHC शामली में भर्ती कराया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल रेफर कर दिया गया। जवाबी फायरिंग में दोनों बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गए; उन्हें CHC ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।”
3.66 लाख से ज़्यादा सब्सक्राइबर वाले यूट्यूबर अंकित बालियान की 26 अगस्त को एक जिम के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या से राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था, क्योंकि ऐसी अटकलें थीं कि वह उत्तर प्रदेश में होने वाले पंचायत चुनाव लड़ सकते हैं।
समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा और कहा कि उनकी हत्या से पता चलता है कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। उन्होंने इसे जाट समुदाय पर हमला भी बताया। बाद में, गोगी गैंग ने हमले की ज़िम्मेदारी ली थी, लेकिन पुलिस ने कहा था कि वह पूरी जांच के बाद सभी तथ्यों का पता लगाएगी।










