Artificial Intelligence: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जीवन के हर हिस्से को प्रभावित कर रहा है। वहीं, इसके चलते स्वास्थ्य क्षेत्र (health sector) में भी बड़े बदलाव हुए हैं। ब्रिटेन के नेशनल इंस्टीट्यूट (Britain’s National Institute) फॉर हेल्थ एंड केयर रिसर्च (NIHR) के मुताबिक, एआई ने बीमारी की जांच और इलाज दोनों को आसान बना दिया है।
AI के साथ, अस्पतालों (hospitals) को पहले से ही पता चल जाता है कि कब और कितने बिस्तरों की जरूरत है। AI से स्तन जांच ने रेडियोलॉजिस्ट का काम आधा कर दिया है। NIHR की रिपोर्ट के मुताबिक, AI के साथ फिलहाल मेडिसिन के 5 क्षेत्रों पर काम किया जा रहा है।
अब AI में विश्वास दिखाने का समय आ गया है। एआई (AI) के माध्यम से संभावित नेत्र रोगों (eye diseases) की भी पहचान की जा रही है। 2,500 लोगों की आंखों के परीक्षण में, AI ने 6 में से 5 की सही भविष्यवाणी की।
रक्त परीक्षण (blood test) से दिल के दौरे को भी मापा जा सकता है
आमतौर पर हार्ट अटैक का पता अस्पताल पहुंचने पर ही चल जाता है, लेकिन AI आधारित स्मार्ट स्टेथोस्कोप (smart stethoscope) घर पर ही हार्ट अटैक (heart attack) का शुरुआती दौर में ही पता लगा लेगा। यह 90% तक सटीकता देता है। एक अन्य अध्ययन से पता चला है कि यदि किसी व्यक्ति को दिल का दौरा (heart attack) पड़ रहा है तो नियमित रक्त परीक्षण से भी AI एप्लिकेशन (application) द्वारा पता लगाया जा सकता है। अभी 100 में से 1 व्यक्ति को दिल का दौरा पड़ता है।
किस मरीज के लिए कितनी दवा
AI के माध्यम से कैंसर (cancer) का शीघ्र पता लगाना। AI सीधे सीटी स्कैन से कोशिका वृद्धि को मैप कर सकता है। अनियमित कोशिका वृद्धि के कारण कैंसर (cancer) का तुरंत पता लगाया जा सकता है। AI से डॉक्टर (DR.) यह भी जान सकते हैं कि कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए मरीज को कितनी दवा देनी है।
ये भी पढ़िए- Artificial Intelligence: क्या होता है इंसान जैसा हूबहू दिखने वाला रोबोटिक “AI”; जानिए खास खबर