MP News: मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) में तालाबों व जल स्त्रोतो के संरक्षण (Conservation of ponds and water sources) के लिए प्रदेश में जनभागीदारी से गतिविधियों को अभियान का रूप दिया जाएगा। ये घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Chief Minister Dr. Mohan Yadav) ने की है।
मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री डॉ. यादव (Chief Minister Dr. Yadav) ने कहा है कि इंदौर (Indore) के तालाबों के साथ-साथ प्रदेश के अन्य वेटलैंड क्षेत्रों (wetland areas) को रामसर साइट के रूप में घोषित कराने का प्रयास किया जाएगा। विश्व के सभी देशों में केवल भारत में ही देश को माता स्वरूप माना जाता है। वसुधैव कुटुम्बकम का सिद्धांत यह प्रतिपादित करता है कि संपूर्ण वसुधा हमारे लिए कुटुम्ब के समान है। हमारी संस्कृति में सभी प्रकार के जीव-जंतु, नदी-पहाड़-पर्वत में ईश्वर का स्वरूप माना गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव (Chief Minister Dr. Yadav) ने कहा कि पौधों में जीवन होने के तथ्य को प्रमाणित करने वाले नोबल पुरस्कार से सम्मानित वैज्ञानिक श्री हरगोविंद खुराना ने कहा था कि पेड़-पौधों में प्राण होने का विश्वास भारतीय मानस में सांस्कृतिक रूप से रचा-बसा है। उन्होंने विश्व में इस मान्यता को स्थापित करने मात्र के लिए वैज्ञानिक रूप से इसे प्रमाणित किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव (Chief Minister Dr. Yadav) ने ये बात विश्व वेटलैंड दिवस 2024 (World Wetland Day 2024) पर इंदौर (Indore) के रामसर साईट सिरपुर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव (Chief Minister Dr. Yadav) ने विश्व वेटलैंड दिवस (World Wetland Day) पर देश में वेटलैंड (Wetland) के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों और वेटलैंड (Wetland) से प्राप्त होने वाले विभिन्न प्रकार के पदार्थ तथा उत्पादों पर लगाई गई प्रदर्शनी का फीता काटकर शुभारंभ कर प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव (Chief Minister Dr. Yadav) को यशवंत सागर के कमल और सिरपुर की जलकुंभी से बने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया गया।
विसंगतियों के परिणामस्वरूप हमारे प्राकृतिक संसाधन प्रदूषित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव (Chief Minister Dr. Yadav) ने कहा कि काल के प्रवाह में आई विसंगतियों के परिणामस्वरूप हमारे प्राकृतिक संसाधन प्रदूषित हुए। इंदौर (Indore) में 300 साल पहले निर्मित हुआ सिरपुर तालाब पेयजल की आपूर्ति करता था। बदली जीवनशैली के परिणामस्वरूप घरों से निकलने वाले वेस्ट वॉटर के कारण हमारे कई जल स्त्रोत प्रदूषित हुए हैं। परिणामस्वरूप केवल जल ही नहीं खराब हुआ अपितु सम्पूर्ण पारस्थितिकी तंत्र में असंतुलन आया है, पेड़-पौधे-पक्षी प्रभावित हुए हैं। इस परिस्थिति में इन जल स्त्रोतों को बचाने की बहुत आवश्यकता है। यशवंत सागर, रामसर साइट पहले से ही था और सिरपुर भी रामसर साइट बना है। अब इंदौर (Indore) को रामसर सिटी बनाने की बात स्वागत और बधाई योग्य है।
राज्य सरकार तालाबों को बचाने हरसंभव सहयोग प्रदान करेंगे
मुख्यमंत्री डॉ. यादव (Chief Minister Dr. Yadav) ने कहा कि जल स्त्रोतों में परस्पर संबंध होने के परिणामस्वरूप इंदौर (Indore) के तालाबों की परिस्थिति में सुधार से क्षिप्रा नदी में भी सुधार आएगा। जल का बढ़ता दुरूपयोग हम सभी के लिए चिंता का विषय है। इसमें सुधार के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वित रूप से कार्ययोजना बनाकर समाज को साथ लेते हुए इस दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है। राज्य सरकार तालाबों को बचाने के पुनीत कार्य में रामसर सचिवालय को हरसंभव सहयोग देने के लिए सदैव तत्पर रहेगी।
ये भी पढ़िए- Agniveer Recruitment Rally: सिंगरौली, मऊगंज, रीवा, सतना, सीधी समेत 15 जिलों के लिए होने वाली है अग्निवीर भर्ती; जानिए











