MP News: विंध्य (Vindhya) की राजनीति में भाजपा और कांग्रेस (BJP and Congress) की नजर टिकी हुई है। चुनाव परिणाम के बाद समझ में आ जाएगा कि देश की राजनीति किस दिशा में चल रही है?
हालांकि विंध्य की सीटों की बात करें तो रीवा में जहां मुकाबला त्रिकोणीय है तो शहडोल में मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही है। सतना में भाजपा से गणेश सिंह, बसपा से नारायण त्रिपाठी , कांग्रेस से सिद्धार्थ कुशवाहा के बीच मुकाबला माना जा रहा है। सभी जानते हैं कि यहां कांग्रेस, भाजपा और बसपा के बीच ही कांटे की टक्कर है। जातिगत समीकरणों के चलते नारायण त्रिपाठी के आने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है।
बता दें कि रीवा में भाजपा से जनार्दन मिश्रा, कांग्रेस से नीलम मिश्रा एवं बसपा से अभिषेक पटेल के बीच मुकाबले के आसार दिख रहे हैं।
सीधी में गोंगपा के अजय प्रताप सिंह बीजेपी के डॉ. राजेश मिश्र एवं कांग्रेस के कमलेश्वर पटेल के बीच मुकाबला हो सकता है। शहडोल से कांग्रेस ने विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को को उम्मीदवार बनाया है, जबकि भाजपा ने मौजूदा सांसद हिमाद्री सिंह को फिर से चुनावी मैदान में उतारा है। इस सीट पर भाजपा और कांग्रेस में ही मुख्य मुकाबला है। ऐसे में एक बात यह भी कही जा रही है कि भाजपा का मिशन-29 के लिए विंध्य रोड़ा न बन जाए। राजनीति में ऐसी खिचड़ी है कि अपनों में पराये हैं तो पराये में भी अपने हैं। यही वजह है कि चुनाव परिणाम के आने के बाद विंध्य और देश की राजनीतिक स्थिति तय हो जाएगी।
सतना लोकसभा क्षेत्र सतना मैहर जिले में कांग्रेस से भा,ज,पा, में, सामिल हुए नेताओं ने मठाधीशों ने, लगभग 2, लाख वोट दिलानें का दावा करने वाले,की गिनती शुरू की जाय तो लगभग,15लाख, वोट,5लाख, पार्टी की वोट,कुल, मिलाकर 20 लाख होते हैं मगर 10लाख मतदान, हुआ,शेष 10लाख वोट कहां चले गए भा,ज,पा, के लिए जांच कराने का विषय है
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