प्रथम चरण में लगाए गए थे 39 स्वास्थ्य शिविर
कार्यक्रम का प्रथम चरण दिसंबर एवं जनवरी माह में आयोजित किया गया था। 112 ग्रामों में समूह बनाकर 39 स्वास्थ्य शिविर लगाए गए थे और उन शिविर में 3145 रोगियों का परीक्षण कर उन्हें दवाई वितरित की गई थी। इस स्वास्थ्य परीक्षण एवं दवाई वितरण कार्यक्रम का द्वितीय चरण मई माह के अंतिम सप्ताह से शुरू हुआ और वर्तमान में चल रहा है।
अब महिला डॉक्टर भी कर रही जांच
पेंच टाइगर रिजर्व ने प्रथम चरण में महिला डॉक्टर को शामिल नहीं किया था। इससे शिविर से काफी महिलाओं ने दूरी बनाई। हालांकि द्वितीय चरण में स्वास्थ्य परीक्षण एवं दवाई वितरण शिविर में महिला डॉक्टर शामिल किया गया है। ग्रामों में इस प्रकार से समूह बनाए गए हैं कि ग्रामीणों को स्वास्थ्य शिविर में पहुंचने के लिए 2 किलोमीटर से ज्यादा ना जाना पड़े। द्वितीय चरण में 27 ग्रामों हेतु 14 शिविर पूर्ण हो चुके हैं और अभी 1076 रोगियों का परीक्षण कर दवा का वितरण किया जा चुका है। द्वितीय चरण की विशेष बात यह है कि महिला डॉक्टर की उपस्थिति के कारण शिविर में महिलाओं की उपस्थिति अपेक्षाकृत अधिक है। इसके अतिरिक्त प्रथम चरण में जहां प्रति गांव उपचार का लाभ लेने वाले ग्रामीणों की संख्या 28 थी, वहीं अभी तक दूसरे चरण में प्रति ग्राम उपचार लेने वाले ग्रामीणों की संख्या 39 है।
इनका कहना है…
यूनिटी बैंक, अस्पताल सहित अन्य संस्थाओं के सहयोग से गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाया जा रहा है। इससे निसंदेह ग्रामीणों से बातचीत का दायरा बढ़ रहा है और उनसे बेहतर संबंध भी स्थापित हो रहे हैं। कई जरूरी बातों का आदान-प्रदान भी हो रहा है।
रजनीश सिंह, डिप्टी डायरेक्टर, पेंच टाइगर रिजर्व











