महिला से अश्लील बातें करने का आरोप बीना थाना अंतर्गत आने वाले एक वार्ड में रहने वाली एक महिला ने एसडीएम से शिकायत की है कि एक व्यक्ति उसके व उसकी बेटी के साथ अश्लील बातें फोन पर करता है। इसके अलावा उन्हें जान से मारने की धमकी भी उस व्यक्ति ने दी है। महिला ने स्वयं व अपनी बेटी की सुरक्षा व आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराने की मांग की है।
एवी इंफ्रा कंपनी पर लालच देकर धोखाधड़ी का आरोप शिव वार्ड निवासी भूपेन्द्र नायक ने शिकायत की है कि एवी इंफ्रा कंपनी, नगरपालिका में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन का काम करती है। कंपनी के मालिक व प्रतिनिधि सहित एक अन्य व्यक्ति ने उन्हें पचास प्रतिशत साझेदारी का लालच देकर उससे 25 लाख रुपए कार्य में लगवाए, जिसके एवज में 25 लाख का चेक दिया गया जो वाउंस हो गया। जब उसने साझेदारी की हिस्सेदारी मांगी तो उसके साथ गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी गई। युवक ने कंपनी के मालिक व प्रतिनिधि पर कार्रवाई की मांग की है।
देवल गांव में नहीं किया जा रहा सीमांकन, शिकायत लेकर पहुंचे ग्रामीण जनसुनवाई में देवल गांव के लोग भी शिकायत लेकर पहुंचे, जिन्होंने एसडीएम से शिकायत की है कि खसरा नंबर 13/31, 13/32, 13/33, 13/34, 13/35, 13/36, 13/37 पर गांव के लोगों पट्टे दिए गए थे। जिसमें रहकर ग्रामीण कृषि कार्य करते चले आ रहे है। इसके लिए लाल स्याही नक्शा, वटांक के लिए नायब तहसीलदार भानगढ़ की कोर्ट में आवेदन दिया था, जो विचारधीन है। इस मामले में अगस्त माह में पटवारी रिपोर्ट जमा हो गई थी लेकिन अभी तक वटांक की कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द कार्रवाई कर सीमाओं का निर्धारण कराने की मांग की है। शिकायत करने वालों में धर्मेन्द्र, सुदामा, निहाल, हरनाम, सरस्वती, भरोसी, सक्कू, प्रकाश, प्रहलाद, जयराम सहित अन्य शामिल हैं।
बीपीसीएल रिफाइनरी से जहरीली गैस निकलने का आरोप जनसुनवाई में भारतीय किसान श्रमिक जनशक्ति यूनियन के संभागीय अध्यक्ष सीताराम ठाकुर ने बीपीसीएल रिफाइनरी की शिकायत की। जिन्होंने कहा कि ग्राम सेमरखेड़ी से रिफाइनरी महज चार किलोमीटर दूर है। बीपीसीएल रिफाइनरी से जहरीली गैसों का उत्सर्जन हो रहा है। जिसकी शिकायत कई बार जनसुनवाई में कर चुके हैं लेकिन प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की है। जहरीली गैसों के कारण लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है। साथ ही लोगों को चर्म रोग भी हो रहे हैं। इसलिए प्रशासन समय-समय पर ग्रामीणों का हैल्थ चैकअप कराए। साथ ही गांव में प्रदूषण मापी यंत्र भी लगाया जाए, ताकि प्रदूषण की सही स्थिति की सही जानकारी लग सके।











