जबलपुर से मानसून का प्रवेश
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जबलपुर और उसके आसपास के क्षेत्र में बना कम दबाव का क्षेत्र (Low-Pressure Area) और चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) मानसून को हाईस्पीड दे रहा है।
मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से जबलपुर बंगाल की खाड़ी से आने वाली मानसूनी हवाओं का एक महत्वपूर्ण प्रवेश बिंदु बन गया है। यह प्रणाली नरसिंहपुर, डिंडोरी, सागर और शहडोल जैसे आसपास के जिलों में भारी बारिश का कारण बन रही है। जबलपुर में मंगलवार को 34.5 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई वहीं, अगले 24 घंटों में 2.5 से 4 इंच बारिश होने की संभावना है।
मानसून की डबल स्पीड
मध्य प्रदेश में मानसून आमतौर पर दक्षिण-पश्चिम से, यानी बुरहानपुर, खरगोन और बड़वानी जैसे क्षेत्रों से प्रवेश करता है, जो अरब सागर की मानसूनी शाखा से प्रभावित होता है। हालांकि, इस बार जबलपुर के रास्ते बंगाल की खाड़ी से आने वाली मानसूनी हवाएं भी एक्टिव हैं। ऐसे में डबल स्पीड से मध्य प्रदेश में मानसून को पूरे राज्य में फैलाने में मदद कर रही हैं।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. सतीश चंद्रा के मुताबिक, जबलपुर में कम दबाव का क्षेत्र और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाएं मानसून को पूर्वी और मध्य मध्य प्रदेश में तेजी से आगे बढ़ा रही हैं।
वर्तमान स्थिति, अभी 20%-25% तक किया कवर
मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून ने अब तक मध्य प्रदेश के 19 जिलों को कवर किया है। बुरहानपुर, खरगोन, खंडवा, बड़वानी, इंदौर, धार, पचमढ़ी, मंडला, सागर, बालाघाट और रीवा में बारिश शुरू हो चुकी है। जबलपुर और शहडोल संभागों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। छतरपुर के नौगांव में 1.25 इंच, मंडला में 0.5 इंच और रीवा में 1 इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई। फिर भी मानसून अभी 20%-25% मध्य प्रदेश पर ही छाया है। अभी पूरे प्रदेश में मानसून छाना बाकी है।
एमपी में तापमान की चाल और मौसम का हाल
मध्य्प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ ही तापमान में कमी भी दर्ज की गई है। जबलपुर में तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस, भोपाल में 34.4 डिग्री, इंदौर में 32.2 डिग्री और पचमढ़ी में 28.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने जबलपुर में कम दबाव के क्षेत्र के कारण अगले दो दिनों में भारी बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान जताया है।
इस बार खिलेंगे किसानों के चेहरे
जबलपुर से मानसून का प्रवेश पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है, जहां धान, सोयाबीन और मक्का की खेती प्रमुख है। मौसम विभाग ने इस साल 106% औसत वर्षा की भविष्यवाणी की है, जो सामान्य 37.3 इंच बारिश से अधिक है। जबलपुर और शहडोल संभागों में सामान्य से डेढ़ गुना अधिक बारिश की संभावना है, जो जलाशयों और फसलों के लिए शुभ संकेत है।
48 घंटे में भारी से अतिभारी बारिश के साथ एमपी को घेरेगा मानसून
मौसम विभाग का अनुमान है कि जबलपुर से प्रवेश करने वाली मानसूनी हवाएं और बुरहानपुर से फैल रहा मानसून 20 जून तक पूरे मध्य प्रदेश को कवर कर सकता है। जबलपुर में कम दबाव का क्षेत्र अगले 48 घंटों में और सक्रिय रहेगा, जिससे भारी से अतिभारी बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी और निर्देश- बरतें सावधानियां
जबलपुर और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश और तूफान की चेतावनी को देखते हुए, लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है। बिजली गिरने की घटनाओं से बचने के लिए खुले स्थानों में न जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। मध्य प्रदेश में मानसून का डबल दिशाओं से आगमन न केवल मौसम को सुहाना बना रहा है, बल्कि यह कृषि और जल संसाधनों के लिए भी वरदान साबित हो रहा है। मौसम विभाग ने नागरिकों से मौसम अपडेट्स पर नजर रखने और सावधानी बरतने की सलाह भी दी है।











