एक साल पहले हुए उस दर्दनाक विमान हादसे की यादें आज भी गुजरात और देशभर के लोगों के मन में ताजा हैं। अब गुजरात सरकार ने उस त्रासदी से प्रभावित परिसर को नई पहचान देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने घोषणा की है कि दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हुए परिसर के पुनर्विकास के लिए 547 करोड़ रुपये से अधिक की व्यापक योजना लागू की जाएगी, जिसके तहत स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा से जुड़ी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
गौरतलब है कि 12 जून 2025 को एयर इंडिया की उड़ान एआई-171 दुर्घटनाग्रस्त होकर छात्रावास और भोजनालय भवनों पर गिर गई थी। इस हादसे में कुल 260 लोगों की जान चली गई थी। यह दुर्घटना गुजरात के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधीन संचालित न्यू मेंटल परिसर में हुई थी, जो असरवा सिविल अस्पताल के निकट स्थित है।
मौजूद जानकारी के अनुसार गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया ने हादसे में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि राज्य सरकार इस त्रासदी के निशानों को विकास के संकल्प में बदलना चाहती है। उनका कहना है कि इस स्थान को स्वास्थ्य और शिक्षा के ऐसे केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जो भविष्य में चिकित्सा क्षेत्र के विद्यार्थियों और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए नई उम्मीदें पैदा करेगा।
बता दें कि न्यू मेंटल परिसर लगभग 1,71,100 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। दुर्घटना से पहले यहां शिक्षकों और कर्मचारियों के आवास, स्नातक छात्रावास, विवाहित स्नातकोत्तर छात्रावास और भोजनालय जैसी कई सुविधाएं मौजूद थीं। वर्ष 2015-16 के दौरान बनाए गए इन भवनों में कई संरचनाएं हादसे में गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई थीं।
विमान दुर्घटना के दौरान विमान भोजनालय भवन और अतुल्यम-1 से अतुल्यम-4 छात्रावास भवनों से टकराया था। सबसे अधिक नुकसान विवाहित स्नातकोत्तर छात्रावास के चार भवनों को हुआ था, जहां 92 विद्यार्थी अपने परिवारों के साथ रहते थे। दुर्घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित विद्यार्थियों के लिए अस्थायी आवास और भोजन की व्यवस्था की थी।
मौजूद जानकारी के अनुसार सरकार ने अब दुर्घटनाग्रस्त क्षेत्र में मौजूद सभी क्षतिग्रस्त भवनों को पूरी तरह ध्वस्त करने का फैसला लिया है। इसके बाद वहां लगभग 25,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में रीढ़ और पक्षाघात उपचार अस्पताल, पुनर्वास केंद्र, भौतिक चिकित्सा महाविद्यालय तथा 500 विद्यार्थियों की क्षमता वाला छात्रावास बनाया जाएगा।
गौरतलब है कि इस परियोजना के लिए चालू वित्तीय वर्ष में पुनर्वास केंद्र, भौतिक चिकित्सा महाविद्यालय और छात्रावास के लिए लगभग 175 करोड़ रुपये तथा रीढ़ और पक्षाघात उपचार अस्पताल के लिए 120 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इस प्रकार केवल इस हिस्से पर ही करीब 295 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इसके अलावा छात्रावास सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा। विवाहित स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के लिए नए छात्रावास भवन बनाए जाएंगे। योजना के तहत लगभग आठ भवनों में कुल 510 आवासीय इकाइयां विकसित की जाएंगी। इस परियोजना पर करीब 192 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
बता दें कि परिसर में खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला भी स्थापित की जाएगी। लगभग 3,100 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनने वाली यह प्रयोगशाला वडोदरा में संचालित उन्नत प्रयोगशाला के मॉडल पर विकसित की जाएगी। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 50 करोड़ रुपये बताई गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पुनर्विकास कार्य पूरा होने के बाद न्यू मेंटल परिसर राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा अनुसंधान और चिकित्सा शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। साथ ही यह परियोजना उस स्थान को नई पहचान देगी, जो कभी देश की सबसे दर्दनाक विमान दुर्घटनाओं में से एक का गवाह बना था और आज विकास तथा पुनर्निर्माण के प्रतीक के रूप में आगे बढ़ रहा है।










