शिक्षा के क्षेत्र में ‘उत्थान’ और ‘आईटी ऑन व्हील्स’ जैसी पहलों से ग्रामीण विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक एवं डिजिटल सुविधाएं मिल रही हैं। इसी का परिणाम है कि सरस्वती शिशु मंदिर, नागवा के एक विद्यार्थी ने इस वर्ष कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर क्षेत्र का नाम रोशन किया। आजीविका संवर्धन के तहत पिछले 2–3 वर्षों में 300 से अधिक किसानों एवं पशुपालकों की आय में करीब 30–40 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। पूंकैसर किसान उत्पादक संगठन से लगभग 500 किसान जुड़े हैं। मल्टीलेयर एवं शेडनेट फार्मिंग, उन्नत बीज वितरण और मशरूम उत्पादन जैसी पहल किसानों को आधुनिक एवं लाभकारी कृषि की ओर बढ़ा रही हैं।
युवाओं में खेल प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए खनुआ हायर सेकेंडरी स्कूल में स्पोर्ट्स क्लब संचालित किया जा रहा है। इसके तहत खिलाड़ियों ने पिछले वर्ष 2 राष्ट्रीय और 7 राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर कर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
अदाणी फाउंडेशन के सीएसआर हेड मनोज प्रभाकर के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्र के सतत विकास के लिए युवाओं, महिलाओं और किसानों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना जरूरी है।
सामुदायिक सहभागिता, उद्यमशीलता और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देकर सामाजिक एवं आर्थिक बदलाव को गति दी जा सकती है।
स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका, खेल और सामुदायिक विकास की इन पहलों का उद्देश्य केवल सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण समुदाय को आत्मनिर्भर, सक्षम और भविष्य के लिए तैयार करना है। ग्रामीणों की बढ़ती भागीदारी और विश्वास इन प्रयासों को और मजबूती दे रहा है।