पिछले कुछ हफ्तों से सोशल मीडिया पर विदेशों में भारतीय पर्यटकों के व्यवहार और भारत आने वाले विदेशी यात्रियों के अनुभवों को लेकर काफी चर्चा हो रही है। इसी बीच जापान की एक महिला यात्री का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने भारत के विभिन्न शहरों में अपने अनुभव साझा किए हैं और उन जगहों की सूची जारी की है, जहां उन्हें यात्रा के दौरान सबसे ज्यादा असुरक्षित महसूस हुआ।
मौजूद जानकारी के अनुसार हन्ना नाम की जापानी महिला ने भारत में अकेले लगभग तीन महीने तक यात्रा की। 10 जून को साझा किए गए एक वीडियो में उन्होंने बताया कि भारत में उन्हें कई बेहद अच्छे और मददगार लोग मिले, लेकिन कुछ जगहों पर उन्हें पीछा किए जाने, यौन उत्पीड़न और असुरक्षा जैसी परिस्थितियों का भी सामना करना पड़ा।
गौरतलब है कि हन्ना ने अपने अनुभवों के आधार पर पांच शहरों और क्षेत्रों की सूची तैयार की है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यह सूची पूरी तरह उनके व्यक्तिगत अनुभवों पर आधारित है और हर यात्री का अनुभव अलग हो सकता है।
हन्ना ने पांचवें स्थान पर असम के गुवाहाटी शहर को रखा। उन्होंने कहा कि वहां उनके साथ कोई गंभीर घटना नहीं हुई, लेकिन पूर्वोत्तर भारत के अन्य स्थानों की तुलना में उन्हें अकेले घूमते समय कम सहज महसूस हुआ। इसी कारण उन्होंने गुवाहाटी को अपनी सूची में शामिल किया।
चौथे स्थान पर उन्होंने नई दिल्ली का नाम रखा। हन्ना के अनुसार वह तीन अलग-अलग अवसरों पर दिल्ली गईं और हर बार उनकी तबीयत खराब हो गई। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि शायद दिल्ली और उनका तालमेल नहीं बैठता। हालांकि उन्होंने किसी विशेष सुरक्षा घटना का उल्लेख नहीं किया।
तीसरे स्थान पर उन्होंने मुंबई को रखा। गौरतलब है कि मुंबई को अक्सर भारत के अपेक्षाकृत सुरक्षित महानगरों में गिना जाता है, लेकिन हन्ना का कहना है कि वहां उन्हें यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। इस वजह से शहर से जुड़ी उनकी कुछ यादें अच्छी नहीं रहीं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कई लोगों के लिए मुंबई सुरक्षित शहर माना जाता है, लेकिन उनका व्यक्तिगत अनुभव अलग रहा।
दूसरे स्थान पर बिहार के रक्सौल का नाम सामने आया। नेपाल से लौटने के बाद उन्हें वहां ठहरने में परेशानी का सामना करना पड़ा। हन्ना के अनुसार कई होटलों ने विदेशी होने के कारण उन्हें कमरा देने से इनकार कर दिया, जबकि कुछ स्थानों पर उनसे सामान्य से अधिक किराया मांगा गया। उन्होंने इसे अपनी यात्रा के सबसे तनावपूर्ण अनुभवों में से एक बताया।
सबसे ऊपर उन्होंने वाराणसी को रखा। दिलचस्प बात यह है कि वाराणसी उनके पसंदीदा भारतीय शहरों में भी शामिल है। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि यहीं उन्हें सबसे ज्यादा पीछा किए जाने की घटनाओं का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान एक ऐसा क्षण भी आया जब उन्हें लगा कि स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती है। हालांकि उन्होंने उस घटना का विस्तार से उल्लेख नहीं किया।
बता दें कि वीडियो के अंत में हन्ना ने यह भी कहा कि इन शहरों को वह भारत के सबसे खराब स्थान नहीं मानतीं। उनके अनुसार यात्रा का अनुभव हमेशा जटिल होता है और कोई जगह एक साथ खूबसूरत और चुनौतीपूर्ण दोनों हो सकती है। उन्होंने विशेष रूप से वाराणसी की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह उनके सबसे पसंदीदा शहरों में से एक है।
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिलीं। कई भारतीय उपयोगकर्ताओं ने उनके अनुभवों पर दुख जताया और उनसे माफी मांगी। कुछ लोगों ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की, जबकि कई लोगों ने पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के अन्य क्षेत्रों को अपेक्षाकृत सुरक्षित बताया। हालांकि यह भी ध्यान देने योग्य है कि हन्ना के विचार उनके निजी अनुभवों पर आधारित हैं और इन्हें सभी यात्रियों के अनुभवों का प्रतिनिधित्व नहीं माना जा सकता है।










