Cashier Murder Case | चंडीगढ़ पुलिस का बड़ा खुलासा: पाकिस्तान से जुड़े मादक पदार्थ-आतंकवाद नेटवर्क का भंडाफोड़ किया, तीन लोग गिरफ्तार

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चंडीगढ़ पुलिस ने पिछले महीने शहर की एक दवा दुकान (मेडिकल स्टोर) के कैशियर की सनसनीखेज हत्या के मामले को सुलझाते हुए एक बड़े अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय आपराधिक सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिससे सीमा पार से संचालित होने वाले हथियार, ड्रग्स (मादक पदार्थ) और नकली भारतीय मुद्रा (FICN) की तस्करी करने वाले नेटवर्क का कच्चा चिट्ठा सामने आ गया है। इस सिंडिकेट का मुख्य साजिशकर्ता पंजाब की जेल में बंद गैंगस्टर है, जिसे चंडीगढ़ पुलिस ने मामले में औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है।

चंडीगढ़ पुलिस ने इस नेटवर्क के मुख्य साजिशकर्ता को भी औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क के सदस्य कैशियर की हत्या की वारदात में भी कथित तौर पर शामिल थे। चंडीगढ़ पुलिस के अपराध शाखा थाने की टीम ने एक अभियान के तहत तरनतारन निवासी आकाश कुमार उर्फ मणि, सचिन सिलवेस्टर और गुरमीत सिंह बादशाह को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने बताया कि मुख्य साजिशकर्ता धर्मिंदर सिंह उर्फ गोली पहले से ही पंजाब की कपूरथला जेल में बंद है और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जाएगी।

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पुलिस के मुताबिक, सिंह एक विदेशी आका के इशारे पर काम करता था।
पुलिस ने बताया कि गोली ने कैशियर हत्याकांड में शामिल शूटरों और बादशाह की मुलाकात कराई थी।
पुलिस के मुताबिक, बादशाह ने दवा की दुकान के कैशियर की हत्या के मामले के शूटर सनी मेहरा और अमित को अपने घर में शरण दी थी तथा उसने ही उन्हें पिस्तौल व नकदी भी उपलब्ध कराई थी।
पुलिस के एक बयान में बताया कि जबरन वसूली और गोलीबारी की घटनाओं में शामिल गैंगस्टरों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए भी पुलिस की टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं।

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पंजाब के तरनतारन और अमृतसर जिलों में चलाए गए अभियान के दौरान पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने उनके कब्जे से 3.028 किलोग्राम मादक पदार्थ ‘आइस’ (मेथामफेटामाइन), आठ लाख रुपये के अंकित मूल्य के नकली भारतीय मुद्रा नोट, दो अत्याधुनिक पिस्तौल और उनकी मैगजीन बरामद कीं।
इस कार्रवाई से अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय एक बड़े आपराधिक नेटवर्क का भी खुलासा हुआ।

कैशियर हत्याकांड के शूटरों को दी थी पनाह और हथियार

जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य साजिशकर्ता गोली ने ही दवा दुकान के कैशियर की हत्या करने वाले शूटरों—सनी मेहरा और अमित की मुलाकात गुरमीत सिंह बादशाह से कराई थी। इसके बाद बादशाह ने ही दोनों शूटरों को अपने घर में पनाह दी, उन्हें वारदात के लिए अत्याधुनिक पिस्तौल मुहैया कराई और भागने के लिए नकदी का इंतजाम भी किया।

चंडीगढ़ पुलिस के आधिकारिक बयान के अनुसार, यह कार्रवाई जबरन वसूली, हत्या और गोलीबारी जैसी संगीन वारदातों में शामिल गैंगस्टरों के नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने की दिशा में एक बड़ी सफलता है। इस नेटवर्क के तार सीमा पार ड्रग्स और हथियारों की तस्करी से जुड़े होने के कारण सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट पर हैं।

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