UP Congress प्रमुख बनते ही Aradhana Mishra Mona ने 2027 चुनाव पर साधा निशाना

By
—
On:
Follow Us


लखनऊ, दो अक्टूबर उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की नई प्रदेश अध्यक्ष बनाई गईं आराधना मिश्रा मोना ने स्वीकार किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में कुछ ही महीने बचे हैं, ऐसे में उन्हें तुरंत जमीन पर उतरना होगा, क्योंकि उनकी पार्टी 1989 के बाद से लगातार खोई हुई राजनीतिक जमीन को वापस पाने की कोशिश में है। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद मोना ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “मैं अपनी पार्टी की आभारी हूं कि उसने मुझपर इतनी बड़ी जिम्मेदारी के लिए भरोसा जताया। मुझे उम्मीद है कि हम सब मिलकर उत्तर प्रदेश में सार्थक बदलाव ला पाएंगे।”
मोहसिना किदवई और रीता बहुगुणा जोशी के लंबे समय बाद मोना प्रदेश कांग्रेस की कमान संभालने वाली महिला नेता होंगी।

वह ब्राह्मण समुदाय से आती हैं। उन्होंने कहा, “मैं पार्टी के लिए अपनी बेहतर कोशिश करुंगी।” उन्होंने यह भी माना कि चुनाव नजदीक होने से उन्हें नई भूमिका में तेजी से ढलना होगा। उन्होंने कहा, “समय के लिहाज से आप ऐसा कह सकते हैं, लेकिन यह मत भूलिए कि हमने पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में काफी मेहनत की है।”
उनका इशारा स्पष्ट रूप से 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों की ओर था, जब समाजवादी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन ने उत्तर प्रदेश में 43 सीट जीतकर भाजपा को सबसे अधिक आबादी वाले राज्य में 33 सीट पर सीमित कर दिया था।

सपा ने 37 सीट जीतीं, जिनमें अयोध्या वाली फैजाबाद लोकसभा सीट भी शामिल थी, जबकि कांग्रेस ने छह सीट जीतीं, जिनमें सहारनपुर भी शामिल है, जहां से इमरान मसूद को जीत मिली थी। इमरान मसूद को अब पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। जहां कांग्रेस विधायक दल की नेता रहीं मोना के समाजवादी पार्टी समेत सभी दलों में अच्छे संबंध हैं, वहीं मसूद इस बात को लेकर लगातार मुखर रहे हैं कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बनने वाले गठबंधन में कांग्रेस ‘बड़े भाई’ की भूमिका में रहेगी।

राज्यसभा में उपनेता प्रमोद तिवारी की बेटी मोना ने कहा, ‘‘मुझे पूरी उम्मीद है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में ‘इंडिया’ गठबंधन बहुत मजबूत रहेगा।’’
मोना, अगस्त 2023 से उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रहे अजय राय की जगह लेंगी। राय ने पहले ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया था कि वह 2027 का विधानसभा चुनाव वाराणसी की पिंडरा विधानसभा सीट से लड़ेंगे और सूत्रों के अनुसार वह समाजवादी पार्टी के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन के ज्यादा इच्छुक नहीं थे। यह पूछे जाने पर कि क्या मसूद द्वारा सम्मानजनक सीट बंटवारे की बात कहने के बीच उन्हें संतुलन साधने में कठिनाई होगी, मोना ने कहा, “मुझे लगता है कि जो भी पार्टी और गठबंधन के हित में होगा, वह किया जाएगा।

मुझे यकीन है कि हम साथ बैठकर ‘इंडिया’ गठबंधन, खासकर समाजवादी पार्टी के साथ आपसी सहमति से सीट बंटवारे पर पहुंचेंगे।”
यह पूछने पर कि क्या अखिलेश यादव से उनके अच्छे संबंध सपा-कांग्रेस गठबंधन की दिशा तय करेंगे, उन्होंने कहा, “पार्टी के हित में जो सर्वोत्तम होगा, वही किया जाएगा।”
क्या उनकी नियुक्ति महिला वोट बैंक को ध्यान में रखकर की गई है, इस सवाल पर उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं को बढ़ावा दिया है और मुझे उम्मीद है कि आपने जिस बिंदु का जिक्र किया है, वह भी पार्टी के पक्ष में सकारात्मक रूप से काम करेगा।”
वीरेंद्र सिंह चौधरी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस विधायक दल के नेता के रूप में मोना की जगह लेंगे। महराजगंज जिले की फरेंदा सीट से विधायक वीरेन्‍द्र चौधरी ने 2024 में केन्‍द्रीय वित्‍त राज्‍य मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्‍यक्ष पंकज चौधरी के खिलाफ लोकसभा चुनाव कांग्रेस-सपा गठबंधन के उम्‍मीदवार के तौर पर लड़ा, लेकिन पराजित हो गए थे। अति पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) कुर्मी बिरादरी से आने वाले वीरेन्‍द्र चौधरी को मौका देकर कांग्रेस ने जातीय संतुलन बनाने की भरपूर कोशिश की है।



Source link

For Feedback - vindhyaajtak@gmail.com 

विज्ञापन

WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.20.28 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 10.20.27 PM

Leave a Comment

Breaking News