बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पंचायती राज व्यवस्था के प्रतिनिधियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की

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Nitish Kumar Meeting: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को सचिवालय स्थित ‘संवाद’ में पंचायती राज व्यवस्था के तहत ग्राम पंचायत, पंचायत समिति एवं जिला परिषद् के प्रतिनिधियों के शिष्टमंडल के साथ बैठक की. बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुत खुशी की बात है कि पंचायती राज व्यवस्था के तहत ग्राम पंचायत, पंचायत समिति एवं जिला परिषद् के प्रतिनिधियों के शिष्टमंडल के साथ बैठक आयोजित की गई है.

मुख्यमंत्री ने की अहम बैठक

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपकी अधिकतर मांगों के संबंध में पंचायती राज विभाग नियमानुसार कार्रवाई कर रहा है, उनमें से जो आपकी महत्वपूर्ण मांग है, उनके संबंध में मैं निम्न घोषणा करता हूं.

1. ग्राम पंचायतों के मुखिया को मनरेगा योजना में अब तक 5 लाख रूपये तक की योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति की शक्ति प्राप्त है. इस सीमा को बढ़ाकर 10 लाख रूपये तक करने का आदेश दिया जा रहा है.

2. पंचायती राज संस्थाओं के सभी स्तर के प्रतिनिधियों के मासिक भत्ता को डेढ़ गुणा बढ़ाने का आदेश दिया जा रहा है.

3. हमने यह लक्ष्य रखा है कि राज्य के सभी ग्राम पंचायतों में इस वर्ष होनेवाले चुनाव से पूर्व पंचायत सरकार भवन बनकर तैयार हो जाए. इसके लिए राज्य सरकार के द्वारा शेष बचे 1069 नये पंचायत सरकार भवनों की भी स्वीकृति दे दी गई है. इन स्वीकृत पंचायत सरकार भवनों के निर्माण का जिम्मा ग्राम पंचायत को देने का आदेश दिया जा रहा है. इसके लिए जमीन यदि मुख्यालय वाले गांव में नहीं है तो पास वाले गांव में भी जमीन ली जा सकती है.

4. पंचायत प्रतिनिधियों के शस्त्र अनुज्ञप्ति के आवेदन को जिला पदाधिकारी निर्धारित समय सीमा के अंदर नियमानुसार निष्पादित करने की कार्रवाई करेंगे.

5. पंचायत प्रतिनिधियों को पहले केवल आकस्मिक मृत्यु होने पर ही 5 लाख रुपये की अनुग्रह अनुदान की राशि दी जाती थी. अब पंचायत प्रतिनिधियों के अपने कार्य काल में सामान्य मृत्यु होने पर भी 5 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान देने का आदेश दिया, जा रहा है. साथ ही, यदि पंचायत प्रतिनिधि, बीमारी से ग्रसित होते हैं तो उन्हें भी मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का आदेश दिया जा रहा है.

6. त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के जरिए उन्हें प्राप्त 15वें वित्त आयोग एवं राज्य वित्त आयोग की राशि का उपयोग में तेजी लाने के लिये 15 लाख रुपये तक की योजनाओं का कार्यान्वयन विभागीय तौर पर किया जा सकेगा.

‘महिलाओं के उत्थान के लिए कार्य किया’

इसके अवाला मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2006 में पंचायती राज संस्थाओं एवं वर्ष 2007 में नगर निकाय के चुनावों में महिलाओं को 50 प्रतिशत का आरक्षण दिया गया. हमलोगों ने महिलाओं के उत्थान के लिए काफी कार्य किया है. बड़ी संख्या में महिलाएं प्रतिनिधि बनकर समाज में नेतृत्व कर रही हैं. सभी वर्गों के विकास के लिये हमलोगों ने काम किया है.

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