ब्रेकिंग न्यूज़। विंध्य आजतक
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के फ्लैश फ्लड रिस्क (FFR) अपडेट में मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान अचानक बाढ़ का कम से मध्यम स्तर का खतरा जताया गया है।
संभावित बारिश के कारण कुछ जलक्षेत्रों और आसपास के इलाकों में फ्लैश फ्लड की स्थिति बन सकती है। FFR अपडेट के अनुसार यह चेतावनी 4 सितंबर 2026 को सुबह 11:30 बजे IST तक प्रभावी है।
खासतौर पर पहले से संतृप्त मिट्टी और निचले इलाकों में बारिश के चलते सतही बहाव और जलमग्नता की स्थिति बनने की आशंका जताई गई है।
👉पूर्वी MP के 16 जिले अलर्ट में
फ्लैश फ्लड के संभावित खतरे वाले पूर्वी मध्यप्रदेश के 16 जिलों में रीवा, सीधी और सिंगरौली के अलावा दमोह, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, नरसिंहपुर, पन्ना, सागर, सतना, शहडोल, उमरिया, सिवनी, छिंदवाड़ा और टीकमगढ़ शामिल हैं।
👉पश्चिमी MP के 6 जिले भी दायरे में
पश्चिमी मध्यप्रदेश में अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सीहोर और बैतूल जिलों के कुछ जलक्षेत्रों और आसपास के इलाकों में भी अचानक बाढ़ का खतरा बताया गया है।
👉UP के इन जिलों में भी खतरा
पूर्वी उत्तर प्रदेश में चित्रकूट, बांदा, फतेहपुर, कौशांबी, प्रयागराज, भदोही, मिर्जापुर और वाराणसी के साथ झांसी जिले को भी FFR अपडेट में शामिल किया गया है।
वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हमीरपुर, ललितपुर और महोबा जिलों में भी अगले 24 घंटे के दौरान कम से मध्यम स्तर के फ्लैश फ्लड की संभावना जताई गई है।
👉निचले इलाकों में ज्यादा सतर्कता जरूरी
मौसम विभाग के अनुसार चिंताजनक क्षेत्र (AOC) के अंतर्गत कुछ स्थानों की मिट्टी पूरी तरह संतृप्त है। ऐसे क्षेत्रों में संभावित बारिश होने पर पानी का सतही बहाव बढ़ सकता है और निचले इलाकों में अचानक जलभराव या जलमग्नता की स्थिति बन सकती है।
खासकर रीवा, सीधी, सिंगरौली समेत अलर्ट वाले जिलों में निचले इलाकों, नदी-नालों और जलभराव वाले रास्तों पर लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), 3 सितंबर 2026 का Flash Flood Risk (FFR) अपडेट।
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