ऑल इंडिया कोल वर्कर्स फेडरेशन (AICWF-सीटू) ने कोयला उद्योग में चारों श्रम संहिताओं (Labour Codes) को जल्दबाजी में लागू किए जाने का विरोध दर्ज कराते हुए इस विषय पर व्यापक चर्चा की आवश्यकता बताई। फेडरेशन के महामंत्री कामरेड डी.डी. रामानंद ने बताया कि बैठक के दौरान प्रबंधन के समक्ष संयुक्त द्विपक्षीय समिति कोयला उद्योग (JBCCI) का गठन शीघ्र करने की मांग भी उठाई गई। उनका कहना था कि जेबीसीसीआई का गठन लंबित श्रमिक मुद्दों के समाधान और भविष्य की वेतन एवं सेवा शर्तों से जुड़े मामलों के लिए आवश्यक है।
फेडरेशन ने प्रबंधन से श्रम संहिताओं के क्रियान्वयन और जेबीसीसीआई गठन पर स्पष्ट निर्णय की अपेक्षा की थी, लेकिन बैठक में इन दोनों विषयों पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया। प्रबंधन ने मामले को अगली बैठक तक के लिए स्थगित कर दिया।
कामरेड रामानंद ने कहा कि श्रमिक हितों को प्रभावित करने वाले किसी भी निर्णय से पहले श्रमिक संगठनों की राय लेना और व्यापक सहमति बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि फेडरेशन कोयला श्रमिकों और खनिकों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर लगातार आवाज उठाता रहेगा और भविष्य में भी संघर्ष जारी रहेगा।