भोपाल : MP Scholarship Scam: एमपी में एक बार फिर नया घोटाला सुर्खियों में आया है। 11वीं–12वीं के स्टूडेंट्स की स्कॉलरशिप के नाम पर बड़ी गड़बड़ी हुई है। उन स्कूलों और मदरसों ने हजारों स्टूडेंट्स के नाम पर स्कॉलरशिप की राशि निकाल ली जो उनके स्कूल और मदरसों के स्टूडेंट हैं ही नहीं। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है लेकिन स्कॉलरशिप घोटाले पर कांग्रेस ने बीजेपी सरकार की खिंचाई ज़रूर शुरू कर दी है।
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MP Scholarship Scam: मध्यप्रदेश में फिर मदरसों और स्कूलों में स्कॉलरशिप का घोटाला हुआ है। दरअसल भोपाल में आठवीं और 10वीं कक्षा तक की मान्यता वाले अल्पसंख्यक स्कूलों और मदरसों ने 11वीं व 12वीं कक्षा के 972 स्टूडेंट्स के नाम पर 57 लाख रुपये की छात्रवृत्ति हड़प ली। जानकारी के मुताबिक नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर रजिस्टर्ड 20 निजी स्कूल और 20 मदरसे ऐसे हैं जिनकी मान्यता तो सिर्फ आठवीं और 10वीं कक्षा तक की ही है, लेकिन उन्होंने 11वीं–12वीं के स्टूडेंट्स का पंजीयन पोर्टल पर करा रखा है। उनके नाम पर छात्रवृत्ति जारी की जाती रही है। जिन स्टूडेंट्स के नाम पर ये स्कॉलरशिप निकाली गई वे असल में दूसरे स्कूलों में पढ़ रहे थे। फिलहाल क्राइम ब्रांच ने मामला दर्ज कर पड़ताल शुरू कर दी है।
MP Scholarship Scam: घोटाले की खबर के बाद कांग्रेस ने बीजेपी सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी है। कांग्रेस का कहना है कि ऐसी कौन सी योजना या ऐसा कौन सा महकमा है जहां घोटाला नहीं हो रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि हर जगह सिर्फ कमीशनखोरी चल रही है। उधर कांग्रेस के आरोपों पर बीजेपी ने जवाब दिया है। बीजेपी प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कहा कि बीजेपी राज में घोटाले बर्दाश्त नहीं होंगे क्योंकि एमपी में अब करप्शन को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति है। फिलहाल स्कॉलरशिप घोटाले की जांच पुलिस ने शुरू कर दी है। फिजिकल वेरिफिकेशन के बाद स्कूलों और मदरसों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई का दावा किया जा रहा है। लेकिन स्कॉलरशिप घोटाले पर सियासत एक बार फिर गरमा गई है।
एमपी में स्कॉलरशिप घोटाला क्या है?
स्कॉलरशिप घोटाला वह मामला है जिसमें भोपाल के कुछ स्कूलों और मदरसों ने 11वीं–12वीं के फर्जी छात्रों के नाम पर स्कॉलरशिप की राशि निकाल ली, जबकि उनकी मान्यता केवल 8वीं या 10वीं तक ही थी।
स्कॉलरशिप घोटाला में कितनी राशि की हेराफेरी हुई है?
इस स्कॉलरशिप घोटाला में करीब 57 लाख रुपये की गड़बड़ी उजागर हुई है, जो 972 फर्जी छात्रों के नाम पर निकाली गई।
स्कॉलरशिप घोटाला में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
स्कॉलरशिप घोटाला के मामले में क्राइम ब्रांच ने FIR दर्ज कर ली है और फिजिकल वेरिफिकेशन के आधार पर जांच की जा रही है।
स्कॉलरशिप घोटाला के पीछे कौन जिम्मेदार है?
सरकारी रिपोर्ट्स के अनुसार, 20 निजी स्कूल और 20 मदरसों ने स्कॉलरशिप घोटाला में फर्जी पंजीकरण किए। जांच में दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई होगी।
स्कॉलरशिप घोटाला पर राजनीतिक दलों की क्या प्रतिक्रिया है?
स्कॉलरशिप घोटाला को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी सरकार पर घोटालों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है, जबकि बीजेपी ने कहा कि करप्शन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।











