Policeman committed suicide during duty: इंदौर: एमपी के इंदौर जिले से बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। जानकारी के मुताबिक़ यहां एक पुलिसकर्मी ने ड्यूटी खुद को गोली मार ली। जवान ने मौके अपर ही दम तोड़ दिया।
सूचना पाकर पहुंचे पुलिस के आला अधिकारियों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल रवाना कर दिया है। सुसाइड करने वाले पुलिसकर्मी का नाम अनुराग बताया जा रहा है। वह अलीराजपुर जिले का रहने वाला था। अनुराग ने किन वजहों से यह आत्मघाती कदम उठाया है, यह साफ़ नहीं हो सका है।
43 पुलिसकर्मी लाइन अटैच
मध्यप्रदेश पुलिस विभाग से जुडी एक और खबर आज सुर्ख़ियों में है। दरअसल पिछले दिनों एमपी सरकार के गृहमंत्रालय ने पुलिस विभाग के लिए नई गाइडलाइंस जारी की थी। इस दिशानिर्देश में ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर नए कायदों का जिक्र किया गया था। इस गाइडलाइंस के लागू होते ही विभाग ने करीब 1100 थानों के 10,482 पुलिसकर्मियों का अलग-अलग थानों में तबादला किये जाने का आदेश जारी किया था।
Police Department Line Attachment News
Policeman committed suicide during duty: वही अब जानकारी मिली है कि, 43 पुलिसकर्मियों को थानों से हटाकर रक्षित केंद्रों में पदस्थ कर दिया गया है। सरकार के मुताबिक़ यह फैसला पुलिस थानों की कार्य प्रणाली को निष्पक्ष रखने के लिए की गई कार्रवाई का हिस्सा है। एक साथ बड़े पैमाने पर लाइन अटैच के आदेश के बाद विभाग के दुसरे कर्मचारियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।
क्या था नया गाइडलाइंस?
गौरतलब है कि, मध्यप्रदेश पुलिस विभाग ने पिछले दिनों पुलिसिंग से जुड़े रूल्स-रेगुलेशन को कड़ाई से पालन किये जाने के निर्देश दिए थे। नए रेगुलेशन में पुलिसकर्मियों की तैनाती के नियमों को सख्ती से पालन कराये जाने की बात कही गई थी। इसके तहत तय किया गया था कि किसी पुलिसकर्मी को एक ही थाने में कितनों दिनों तक तैनात रखा जा सकता है। इसी तरह यह भी बताया गया था कि पूर्व में तैनात रहे पुलिकर्मियों को फिर से उन्हीं इलाकों में विशेष नियमों के तहत ही तैनाती दी जाएगी।
1100 थाने हुए थे प्रभावित
इस नए गाइडलाइन को लागू करते हुए महज पांच दिनों में मध्यप्रदेश पुलिस के इतिहास में सबसे बड़ा आदेश जारी किया गया था। नए आदेश के तहत 1100 थानों के 10,482 पुलिसकर्मियों तैनाती वाले जगहों में बदलाव कर दिया गया था। जारी आंकड़ों के मुताबिक इंदौर नगरीय क्षेत्र में 1,029, ग्वालियर में 828, भोपाल नगरीय इलाकों में 699, जबलपुर जिले में 535 और नर्मदापुरम में 372 पुलिसकर्मियों के थानों में बदलाव किया गया था।











