महाराष्ट्र के ठाणे जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने एक महिला सरकारी अभियोजक को संपत्ति से जुड़े मामलों में अनुकूल जवाब दाखिल करने के लिए एक वकील से 1,000 रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। एसीबी ने मंगलवार को जारी एक विज्ञप्ति में बताया कि 36 वर्षीय महिला अभियोजक उल्हासनगर में न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष संपत्ति वापस करने संबंधी दो आवेदनों में मुवक्किलों की ओर से पैरवी कर रही थी।
इन आवेदनों में साइबर और वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में ‘फ्रीज’ की गई धनराशि को जारी करने का अनुरोध किया गया था। विज्ञप्ति के मुताबिक, अदालत में काम करने वाली सहायक सरकारी अभियोजक ने कथित तौर पर हर आवेदन पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए 500 रुपये की मांग की जिसके बाद वकील ने एसीबी से संपर्क किया। जांच एजेंसी ने बताया कि छह अगस्त को एसीबी ने अदालत में जांच-पड़ताल की जिस दौरान आरोपी ने कथित तौर पर एक स्वतंत्र गवाह की मौजूदगी में 1,000 रुपये की मांग की और पैसे लेने के लिए राजी हो गई।
एसीबी ने जाल बिछाया, लेकिन आरोपी को शिकायतकर्ता और गवाह पर शक हो गया और उसने नकद लेने से इनकार कर दिया। बयान में कहा गया है कि दोनों मामलों में 11 अगस्त को अंतिम आदेश आने वाले थे इसलिए एसीबी ने दोबारा जाल बिछाया लेकिन आरोपी को फिर से पुलिस की मौजूदगी का शक हो गया और उसने पैसे नहीं लिए। एसीबी ने बताया कि शिकायत की जांच-पड़ताल के बाद आरोपी को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया और उस पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।






