अमेरिका और क्यूबा के बीच लंबे समय से जारी राजनीतिक और आर्थिक तनाव अब चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी वित्त मंत्रालय (US Department of the Treasury) द्वारा जारी एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल, उनकी पत्नी और कास्त्रो परिवार के सदस्यों सहित तीन अन्य प्रमुख व्यक्तियों पर कड़े वित्तीय प्रतिबंध लगा दिए हैं। क्यूबा के शीर्ष नेतृत्व पर दबाव बनाने और उन्हें वैश्विक मंच पर अलग-थलग करने के लिए ट्रंप प्रशासन का यह अब तक का सबसे आक्रामक कदम माना जा रहा है।
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इसके अलावा क्यूबा के जिन लोगों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं उनमें पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो और विल्मा एस्पिन के इकलौते बेटे अलेजांद्रो कास्त्रो एस्पिन का नाम भी शामिल है। उन्होंने क्यूबा के रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग में सलाहकार के रूप में कार्य किया और मार्च 2016 में हवाना में हुई ऐतिहासिक बैठक में राउल कास्त्रो द्वारा तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के स्वागत के समय वह मौजूद थे।
कास्त्रो एस्पिन के बेटे राउल अलेजांद्रो कास्त्रो कैलिस का नाम भी इस सूची में शामिल है।
ये प्रतिबंध अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करने के बाद लगाए गए हैं जिसमें क्यूबा के खिलाफ प्रतिबंधों में विस्तार किया गया है।
ट्रंप जनवरी में वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाने और फिर क्यूबा को ईंधन की आपूर्ति रोकने के लिए ऊर्जा नाकाबंदी का आदेश देने के बाद से ही सैन्य कार्रवाई की धमकी दे रहे हैं।
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इसके परिणामस्वरूप पूरे द्वीप में भीषण बिजली कटौती, खाद्य पदार्थों की कमी और आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है।
अमेरिका द्वारा राउल कास्त्रो के खिलाफ आपराधिक आरोप घोषित किए जाने के बाद इन धमकियों को और भी बल मिला। नए प्रतिबंधों के तहत व्यक्तियों की संपत्ति और अमेरिका में उनके बैंक खाते ‘फ्रीज’ कर दिए गए हैं, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि उनकी वित्तीय स्थिति अमेरिकी वित्तीय प्रणाली से कितनी जुड़ी हुई है।
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