श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार को वाहनों के कई हिमस्खलनों की चपेट में आने के कारण एक बच्चे और दो महिलाओं समेत सात लोगों की मौत हो गयी तथा पांच अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि दोपहर को राष्ट्रीय राजमार्ग पर ‘जीरो पॉइंट’ और जोजिला दर्रा पर मिनिमार्ग के बीच के इलाके में हिमस्खलन की कई घटनाएं हुईं जिससे कई वाहन मलबे के नीचे दब गए।
ऊंचाई वाले इलाके से गुजरते समय वाहनों पर भारी मात्रा में बर्फ गिर पड़ी, जिससे कई वाहन बर्फ में दब गए। अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद तत्काल बचाव अभियान शुरू किया गया। उन्होंने कहा कि बर्फ को हटाने और फंसे लोगों को निकालने के प्रयास जारी हैं। मृतकों में 10 साल का एक बच्चा और दो महिलाएं भी शामिल हैं।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस घटना में सात लोगों की मौत की पुष्टि की।
सिंह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘जोजिला दर्रे पर हिमस्खलन के कारण सात लोगों की दुखद मौत और पांच लोगों के घायल होने की खबर सुनकर गहरा सदमा लगा है। मैं शोकसंतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।’’
उन्होंने कहा कि घायलों को हरसंभव सहायता प्रदान की जा रही है।
गांदरबल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक खालिद पोसवाल ने बताया कि तीन वाहन हिमस्खलन की चपेट में आ गए।
उन्होंने कहा कि सभी लोगों को सुरक्षित निकालने और घायलों को इलाज के लिए पहुंचाने के लिए जम्मू कश्मीर पुलिस, सेना, सीआरपीएफ, लद्दाख पुलिस, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और नागरिक प्रशासन को तैनात किया गया है।
एसएसपी ने बताया कि अब तक पांच शव बरामद किए जा चुके हैं तथा ‘‘दो और शव होने की आशंका है।’’
अधिकारियों के अनुसार, बचाव अभियान अभी जारी है और मलबा हटाने तथा राजमार्ग पर यातायात बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने वरिष्ठ अधिकारियों से बात कर बचाव और राहत कार्यों का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस घटना में हुई जानमाल की हानि पर गहरा दुख व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से स्थिति पर नजर रख रहे हैं।










