पेंच टाइगर रिजर्व बना विदेशी सैलानियों की पहली पसंद

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वन्यजीवों की विविधता

यह आंकड़ा स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि पेंच टाइगर रिजर्व ने अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी खास पहचान बनाई है। मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग के अनुसार, अकेले पेंच में पहुंचे विदेशी पर्यटकों की संख्या राज्य में पहुंचे कुल 1.67 लाख विदेशी पर्यटकों का बड़ा हिस्सा है, जो राज्य की वैश्विक अपील को मजबूत करता है। पेंच टाइगर रिजर्व, जो सिवनी और छिंदवाड़ा जिलों की सीमा पर स्थित है, बाघों की आबादी, हरियाली, घास के मैदान और वन्यजीवों की विविधता के लिए जाना जाता है। यह वही जंगल है, जिससे रुडयार्ड किपलिंग की प्रसिद्ध कृति जंगल बुक को प्रेरणा मिली थी। रिजर्व में बाघों के साथ-साथ तेंदुआ, जंगली कुत्ता, भालू, हिरण और सैकड़ों पक्षी प्रजातियां पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र हैं।

पर्यटन सुविधाओं में इजाफा का असर

पिछले कुछ वर्षों में पेंच में ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ ही पर्यटकों की सुविधाओं का भी विस्तार किया गया है। सफारी की बेहतर व्यवस्था, प्रशिक्षित गाइड, सूचना केंद्र और स्थानीय संस्कृति से जुड़ी गतिविधियों ने विदेशी पर्यटकों को खासा आकर्षित किया है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 में मध्यप्रदेश में कुल 13.41 करोड़ पर्यटकों का आगमन हुआ, जो कि वर्ष 2023 की तुलना में 19.6 प्रतिशत, वर्ष 2019 की तुलना में 50.6 प्रतिशत और वर्ष 2020 की तुलना में 526 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। इसमें पेंच जैसे प्रमुख वन्यजीव स्थलों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

मानसून में 30 सितंबर तक बंद रहेगा पेंच

पेंच टाइगर रिजर्व मानसून के दौरान तीन महीने तक आम पर्यटकों के लिए बंद रहेगा। 1 जुलाई से 30 सितंबर तक कोर क्षेत्र के सभी गेट पूरी तरह बंद रहेंगे। यह निर्णय हर वर्ष की तरह वन्यजीवों की सुरक्षा, प्रजनन काल में शांति बनाए रखने और बारिश के कारण पगडंडियों की दुर्दशा से बचाव के लिए लिया गया है। हालांकि कोर क्षेत्र बंद रहेगा, लेकिन कुछ बफर क्षेत्र सफारी के लिए खुले रह सकते हैं। रिजर्व की सफारी और पर्यटन गतिविधियां पुन: एक अक्टूबर से पूरी तरह शुरू होंगी।



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कुछ छूट न जाए ....

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