एक-दूसरे पर मढ़ रहे आरोप
पुलिस के हाथ अब तक अहम सबूत नहीं लगे हैं, इसलिए एसआइटी की एक टीम तकनीकी आधार पर समानांतर जांच कर रही है। यह टीम इंदौर, गाजीपुर और बीना सहित अन्य इलाकों में छानबीन कर टेक्निकल एविडेंस जुटा रही है, ताकि केस तकनीकी आधार पर मजबूत किया जा सके। दरअसल राजा हत्याकांड(Raja Raghuvanshi Murder Case) बेहद शातिर ढंग से अंजाम दिया गया। सोनम ने षड्यंत्र रचा था, कि वह राजा को मौत के घाट उतार देगी और खुद को लापता बताकर पीड़ित सिद्ध कर देगी। इसमें वह सफल नहीं हो पाई। आरोपियों ने जुर्म कबूल तो कर लिया, लेकिन वे बार-बार अपने बयान बदल रहे हैं। एक-दूसरे पर आरोप मढ़ रहे हैं।
एसआइटी को तकनीकी सबूत की तलाश
हत्याकांड में सबसे अहम इंदौर, गाजीपुर, बनावरस, बीना के सीसीटीवी फुटेज भी होंगे। सोनम फरारी काटने के दौरान किस-किस के संपर्क में थी और कौन उसका मददगार था। इन सभी सबूतों के आधार पर शिलांग पुलिस की स्पेशल टीम आरोपियों की संख्या में और इजाफा कर सकती है।
सोनम ने ही बनाया बचने का भी प्लान..!
आशंका है सोनम(Sonam Raghuvanshi) ने जिस तरह हत्या के लिए अलग-अलग चार प्लान बनाए थे। उसी तरह पकड़े जाने पर पुलिस से बचने के लिए भी प्लान तैयार कर लिया था। अब उसी पर काम किया जा रहा है। इसी का नतीजा है कि गिरफ्तारी होने के बाद जब पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू की तो वे सामान्य जानकारी तो आसानी से दे रहे हैं लेकिन अपराध के लिहाज से कोर्ट में अहम होने वाली जानकारी देने के नाम पर एक-दूसरे पर आरोप मढ़ रहे हैं। यही कारण है कि पुलिस अब तक आरोपियों के कब्जे से या उनकी निशानदेही पर अपराध से सम्बंधित कोई भी अहम सबूत जब्त नहीं कर पाई है।
पुलिस ने राजा के शव के पास से वारदात में प्रयुक्त हथियार होने की आशंका पर डोव को जब्त किया था। यह शव के आसपास ही लावारिस हालत में मिला था। यह घटना के बाद कई दिनों तक खुले स्थान पर पड़ा रहा और उस दौरान वहां कई बार बारिश होती रही, इसलिए इस पर पर्याप्त फिंगर प्रिंट मिलना भी संभव नहीं रहा।
कहां गया राजा का सामान
पुलिस को अब तक राजा की जेब में रखे पैसे, आभूषण, सोनम-राजा के मोबाइल या अन्य चीजें नहीं मिली हैं। पुलिस राज के मोबाइल में मिली चैट अहम मान रही है। इस चैट से भी पुलिस को कोई खास सहयोग मिलता नजर नहीं आ रहा। इसमें कहीं भी हत्या की साजिश स्पष्ट नहीं मिली है। न ही इस वारदात को किसने और कैसे अंजाम दिया, इसका स्पष्ट उल्लेख मिला है। चैट के दौरान राज(Sonam Raghuvanshi Boyfriend Raj Kushwaha) ने कई जगह पर सोनम को दीदी कहकर भी सम्बोधित किया है।
घर, होटल व फ्लैट में रहना स्वीकारा
जानकारी मिली है कि सोनम हत्या के बाद पांच दिन इंदौर में राज के लक्ष्मणपुरा (बाणगंगा) स्थित घर में भी रही थी। इस दौरान राज के परिवार के सदस्य उप्र गए थे। जब वह इंदौर आए, तब राज ने सोनम को हीराबाग स्थित फ्लैट में शिफ्ट करवा दिया था। शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने कबूला था कि सोनम दो दिन इंदौर रही, उसके बाद बताया कि 14 दिन रही। कभी होटल, कभी फ्लैट और कभी घर। बार-बार बयान बदलने से अब पुलिस भी हैरान है। आशंका है कि बार-बार बयान बदल कर जांच प्रभावित करना भी शातिर सोनम की चाल हो सकती है। पुलिस अफसरों ने इसमें कॉन्ट्रैक्ट किलिंग से भी इनकार किया है। उन्होंने बताया कि राज से दोस्ती और रिश्तेदारी निभाने में विशाल और अन्य ने उसका साथ दिया।











