समय पर जांच से नियंत्रित किया जा सकता है सिकल सेल रोग

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आनुवंशिक बीमारी
डॉक्टरों के अनुसार सिकल सेल एनीमिया या सिकल सेल डिजीज एक जेनेटिक यानी आनुवंशिक बीमारी है। जिसमें रेड ब्लड सेल्स का आकार असामान्य हो जाता है, जो सिकल जैसा दिखता है। यह सिकल के आकार की कोशिकाएं कठोर और चिपचिपी हो जाती हैं, जिससे शरीर में ब्लड फ्लो प्रभावित होता है। इससे शरीर में दर्द और टिश्यू डैमेज हो सकती है। यह रोग हीमोग्लोबिन की कमी के कारण होता है सिकल सेल रोग से पीडि़त लोगों में रेड ब्लड सेल्स सिकल या चंद्रमा के आकार की होती हैं। इसी वजह से इसे सिकल सेल रोग कहा जाता है। यह बीमारी संक्रमित माता-पिता से बच्चों में ट्रांसफर होती है। इस बीमारी की वजह से रेड ब्लड सेल्स सामान्य से कम समय तक जीवित रहती हैं।

बचाव के लिए करना चाहिए यह उपाय
विवाह से पूर्व हीमोग्लोबिन इलेक्ट्रोफोरेसिस/ सिकल सेल की जांच कराए, सिकल सेल रोग और वाहक की पहचान होने पर डॉक्टर से जेनेटिक काउंसलिंग लें, गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच कराएं।

यह न करें
सिकल सेल रोगी या वाहक की जानकारी न छिपाएं। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें एवं वैवाहिक निर्णय बिना परामर्श के न करें। लगाया जा रहा निशुल्क जांच शिविर
सिवनी जिले के जनजातीय क्षेत्रों में लगातार शिविर लगाकर सिकल सेल रोग की जांच की जा रही है। जांच के बाद अगर किसी में यह लक्षण पाया जाता है तो बकायदा उसका कार्ड बनता है और निशुल्क इलाज किया जा रहा है। निशुल्क दवाएं व फॉलोअप उपचार, नवजात शिशु स्क्रीनिंग की जा रही है।

इनका कहना है…
मैं लोगों से अपील करूंगा कि वे सिकल सेल रोग को लेकर समय पर जांच कराएं। जानकारी को समाज में साझा करें। विवाह से पहले स्क्रीनिंग अवश्य कराएं एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं।

डॉ. जयपाल सिंह ठाकुर, सीएमएचओ, सिवनी



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