झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन अब एक अहम मोड़ पर पहुंच गया है। रविवार को राज्य सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच हुई बातचीत से कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद छात्रों ने सोमवार, 10 अगस्त को विधानसभा कूच करने का फैसला किया है। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि सरकार के साथ कई दौर की बातचीत के बावजूद उनकी प्रमुख मांगों पर सहमति नहीं बन पाई है। वहीं, सरकार का दावा है कि उसने छात्रों की करीब 98 फीसदी मांगें स्वीकार कर ली हैं और अब आंदोलन खत्म कर बाकी मुद्दों पर बातचीत आगे बढ़ाई जानी चाहिए। दोनों पक्षों के दावों में यही अंतर फिलहाल विवाद का सबसे बड़ा कारण बना हुआ है।
इधर, आंदोलन को लेकर छात्र नेताओं ने प्रदर्शनकारियों से संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि सभी छात्र एकजुट होकर शांतिपूर्ण तरीके से मार्च करें और इस दौरान यातायात या आम लोगों की आवाजाही में किसी तरह की परेशानी पैदा न हो। पुलिस के साथ टकराव से बचने और किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करने की भी अपील की गई है। नेताओं ने प्रदर्शनकारियों से कहा है कि किसी सूचना को आगे बढ़ाने से पहले उसकी पुष्टि जरूर करें, ताकि आंदोलन का शांतिपूर्ण स्वरूप बना रहे।
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विधानसभा मार्च से पहले रांची में सुरक्षा कड़ी
सोमवार के मार्च को देखते हुए रांची में सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी कर दी गई है। विधानसभा परिसर के आसपास निषेधाज्ञा लागू है और शहर के प्रमुख इलाकों में बैरिकेडिंग के साथ अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि वे आंदोलन के दौरान अब तक दिखाई गई शांति और अनुशासन को बनाए रखें। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मनोज कौशिक ने कहा कि प्रदर्शन में असामाजिक तत्वों और उपद्रवियों को शामिल होने से रोकना भी आयोजकों की जिम्मेदारी है।
रांची के SSP राकेश रंजन ने कहा कि प्रशासन नहीं चाहता कि कानून-व्यवस्था बिगड़ने की वजह से किसी छात्र के करियर पर कोई दाग लगे। उन्होंने बताया कि शहर के महत्वपूर्ण स्थानों पर बैरिकेड लगाए गए हैं और पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
विधानसभा भवन के 750 मीटर के दायरे में 6 अगस्त से 12 अगस्त तक निषेधाज्ञा लागू रहेगी। इस दौरान सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक यह प्रतिबंध प्रभावी रहेगा। रांची में होने वाले मार्च को देखते हुए जमशेदपुर में भी रविवार आधी रात से इसी तरह के प्रतिबंध लागू किए गए हैं। जिला प्रशासन ने छात्रों से आक्रामक प्रदर्शन, हिंसा और किसी भी गैरकानूनी गतिविधि से दूर रहने को कहा है। सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया है कि प्रदर्शन के दौरान किसी छात्र को परेशान नहीं किया जाएगा। आंदोलन के कारण सोमवार को ज्यादातर स्कूलों के बंद रहने की संभावना जताई गई है। हालांकि, प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि झारखंड के अलग-अलग हिस्सों से रांची पहुंच रहे सैकड़ों छात्रों को पुलिस रास्ते में रोक रही है। अब विधानसभा मार्च के दिन प्रशासन और छात्रों के बीच तालमेल कैसा रहता है, इस पर सभी की नजर है।
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फिलहाल तस्वीर साफ है—सरकार बातचीत के जरिए रास्ता निकालने की बात कर रही है, जबकि छात्र अपनी प्रमुख मांगों पर लिखित और ठोस कार्रवाई चाहते हैं। ऐसे में सोमवार का विधानसभा मार्च सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि झारखंड में भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता और युवाओं के भरोसे को लेकर चल रहे इस लंबे विवाद का अगला बड़ा पड़ाव बन गया है।








