Adani News: पश्चिम बंगाल में बनेगा 2,000 बेड वाला ‘अडाणी आरोग्य मंदिर’, 4000 करोड़ से अधिक का निवेश

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Adani News: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता के न्यू टाउन स्थित बंगाल सिलिकॉन वैली टेक हब में 2,000 बेड वाले अडाणी आरोग्य मंदिर की आधारशिला रखी।

 

 

Adani News: पश्चिम बंगाल में बनेगा 2,000 बेड वाला ‘अडाणी आरोग्य मंदिर’, 4000 करोड़ से अधिक का निवेश

 

 

अडाणी समूह के चेयरमैन गौतम अडाणी ने पश्चिम बंगाल में बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं और अन्य क्षेत्रों में वर्ष 2035 तक 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश की घोषणा की है। अडाणी समूह की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, अडाणी आरोग्य मंदिर पश्चिम बंगाल की 2026 की स्वास्थ्य सेवा योजना के तहत तैयार की जा रही इस परियोजना को अडाणी फाउंडेशन द्वारा विकसित किया जाएगा।

 

समूह का कहना है कि इस आरोग्य मंदिर में हर साल 2 लाख से अधिक मरीजों को भर्ती कर इलाज उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि 20 लाख से अधिक मरीजों को ओपीडी की सुविधा मिलेगी।

 

परियोजना से करीब 10,000 रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई गई है। अडाणी फाउंडेशन के अनुसार इस परियोजना पर 4,000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया जाएगा। इसे पूर्वी भारत और आसपास के क्षेत्रों के लिए एक व्यापक स्वास्थ्य एवं शैक्षणिक चिकित्सा केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।

 

Adani News: पश्चिम बंगाल में बनेगा 2,000 बेड वाला ‘अडाणी आरोग्य मंदिर’, 4000 करोड़ से अधिक का निवेश

51.75 एकड़ में बनेगा मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल

अडाणी आरोग्य मंदिर 51.75 एकड़ क्षेत्र में फैला मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल होगा। इसमें मरीजों के लिए स्टेप-डाउन और ट्रांजिशनल केयर की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। पूरे स्वास्थ्य सेवा परिसर में मेडिकल और विश्राम गृह भी बनाए जाएंगे, जहां अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों के परिजनों के ठहरने की व्यवस्था होगी।

मुख्यमंत्री बोले- लक्ष्य सिर्फ अस्पताल बनाना नहीं

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि अडाणी समूह से पश्चिम बंगाल के पुनर्निर्माण और विकास में भूमिका निभाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि अंतिम लक्ष्य केवल एक अस्पताल परिसर बनाना नहीं, बल्कि इसे पूरी तरह से विकसित और एकीकृत स्वास्थ्य सेवा शहर के रूप में तैयार करना है।

 

मुख्यमंत्री के अनुसार, पूरे भारत में इस स्तर की सुविधाओं वाला अस्पताल नहीं है और यह अस्पताल मेडिकल टूरिज्म को भी बढ़ावा देगा। उन्होंने इसे पश्चिम बंगाल के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के संदर्भ में भी बात रखी।

 

गौतम अडाणी बोले- 1,000 से अधिक बिस्तर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए

अडाणी समूह के चेयरमैन गौतम अडाणी ने कहा कि अडाणी आरोग्य मंदिर एक विश्वस्तरीय गैर-लाभकारी चिकित्सा संस्थान होगा। उनके अनुसार, इसमें 1,000 से अधिक बिस्तर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए होंगे, जो राज्य और केंद्र सरकार की स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के तहत इलाज के पात्र हैं।

उन्होंने गुजरात के मुंद्रा का उदाहरण देते हुए पश्चिम बंगाल को पूर्वी भारत में अडाणी समूह की कर्मभूमि बताया। गौतम अडाणी ने वर्ष 2035 तक पश्चिम बंगाल में 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक निवेश की योजना की घोषणा की। यह निवेश पोर्ट, लॉजिस्टिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, बिजली उत्पादन, बिजली पारेषण एवं वितरण, सड़क एवं पुल, ग्रीन सीमेंट और हाइपरस्केल डेटा सेंटर सहित विभिन्न क्षेत्रों में किया जाएगा।

 

Adani News: पश्चिम बंगाल में बनेगा 2,000 बेड वाला ‘अडाणी आरोग्य मंदिर’, 4000 करोड़ से अधिक का निवेश

मेडिकल कॉलेज से लेकर शोध संस्थान तक की योजना

अडाणी आरोग्य मंदिर परिसर में एक मेडिकल कॉलेज भी होगा। इसमें हर साल 150 स्नातक, 100 से अधिक स्नातकोत्तर और 40 से अधिक सुपर-स्पेशियलिटी डॉक्टरों को प्रवेश दिया जाएगा।

परिसर में नर्सिंग कॉलेज के साथ एलाइड हेल्थकेयर और पैरामेडिकल शिक्षकों के लिए संस्थान भी बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ी के डॉक्टरों, नर्सों, तकनीशियनों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के लिए व्यापक एवं बहु-विषयक शिक्षा तथा प्रशिक्षण व्यवस्था तैयार करना है।

 

परिसर में स्वास्थ्य क्षेत्र के कर्मचारियों और उनके परिवारों के रहने के लिए आवासीय सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।

पहले चरण में कैंसर उपचार पर विशेष जोर

परियोजना के पहले चरण में मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल कैंसर के इलाज पर विशेष ध्यान देगा। यहां कैंसर मरीजों के लिए अत्याधुनिक और विशेष चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।

अडाणी आरोग्य मंदिर में जीनोमिक्स, प्रिसिजन मेडिसिन, बायोमेडिकल इंजीनियरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लिनिकल ट्रायल, मॉलिक्यूलर साइंस और अन्य बायोमेडिकल क्षेत्रों में शोध को बढ़ावा देने के लिए व्यापक रिसर्च इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा।

अस्पताल का मुख्य ध्यान वैज्ञानिक शोध और नई खोजों को बेहतर जांच, इलाज और बीमारी की रोकथाम में इस्तेमाल करने पर रहेगा।

 

अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ मिलकर विकसित होगी चिकित्सा तकनीक

अडाणी फाउंडेशन के अनुसार, संस्थान अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर नई चिकित्सा जानकारी, तकनीक, इलाज की नई प्रक्रियाएं और बौद्धिक संपदा विकसित करेगा। इसका उद्देश्य वैश्विक वैज्ञानिक विशेषज्ञता और तकनीकी क्षमताओं को भारत के शोध वातावरण से जोड़ना है।

यह शोध भारत की खास स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों पर काम करेगा और ऐसी चिकित्सा तकनीक एवं समाधान विकसित करने का प्रयास करेगा, जो दुनियाभर में उपयोगी हो सकें।

अडाणी फाउंडेशन ने अमेरिका की मायो क्लिनिक ग्लोबल कंसल्टिंग और सिंगापुर की सिंगहेल्थ के साथ साझेदारी की है। इन संस्थानों के माध्यम से क्लिनिकल केयर, मेडिकल शिक्षा, डिजिटल हेल्थ, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, मेडिकल स्टाफ के विकास और नई तकनीकों के क्षेत्र में वैश्विक विशेषज्ञता लाई जाएगी।

दूसरे चरण में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

अडाणी फाउंडेशन के अनुसार, इस निवेश से कोलकाता में एक बड़ा स्वास्थ्य एवं शैक्षणिक संस्थान तैयार होगा। इसके बाद दूसरे चरण में अलग-अलग स्पेशियलिटी और सुपर-स्पेशियलिटी के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने की योजना है।

 

एक ही परिसर में व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होने से पूर्वी भारत के लोगों को इलाज के लिए दूसरे शहरों और राज्यों में जाने की जरूरत कम करने में मदद मिलने की बात कही गई है।

 

कमारटुली घाट के पुनर्विकास में भी सहयोग

राज्य में अडाणी समूह की औद्योगिक और स्वास्थ्य संबंधी पहलों के साथ गौतम अडाणी ने प्रसिद्ध कमारटुली घाट के पुनर्विकास में सहयोग देने की भी घोषणा की है।

अडाणी समूह ने पश्चिम बंगाल सरकार के साथ दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं। इनमें ऐतिहासिक राइटर्स बिल्डिंग के संरक्षण एवं पुनरुद्धार तथा अडाणी पूजा प्रीत्यु के माध्यम से कोलकाता की दुर्गा पूजा की कला और संस्कृति को वैश्विक मंच तक पहुंचाने की पहल शामिल है।

इस पहल के तहत दुर्गा पूजा आयोजकों, कलाकारों, कारीगरों, सेवा प्रदाताओं और बंगाल से जुड़े पूरे पूजा इकोसिस्टम को सहयोग दिया जाएगा।

 

अडाणी फाउंडेशन की भूमिका

1996 से काम कर रहा अडाणी फाउंडेशन अडाणी समूह की सामाजिक कल्याण और विकास शाखा है। फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण, स्थायी आजीविका, जलवायु संरक्षण और सामुदायिक विकास जैसे क्षेत्रों में काम करता है।

फाउंडेशन के अनुसार, उसकी योजनाएं देश की प्राथमिकताओं और संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप तैयार की जाती हैं। वर्तमान में अडाणी फाउंडेशन 22 राज्यों के 7,247 गांवों में काम कर रहा है और इसके प्रयासों से 1.33 करोड़ लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की बात कही गई है।

 

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