रंगों का महापर्व होली कुछ दिन बाद आ रहा है। ऐसे में हर साल की तरह इस साल भी लोग होली की तैयारी में जुट गए हैं। इस दौरान रंग-गुलाल से होली खेलने के साथ-साथ लजीज पकवानों को घर पर बनाने व मेहमानों को परोसने की परंपरा है। बात अगर होली के पकवानों की हो तो इसमें सबसे पहला नाम गुझिया का आता है। लेकिन आज हम आपको गुझिया से जुड़ी कई ऐसी खास जनाकारी बताने ज रहे हैं, जो काफी हट के है।
गुझिया को गुजिया, गुंजिया जैसे कई नामों से जाना जाता है। यह एक प्रकार का पकवान है जो कि मैदा और खोया से बनाया जाता है। यह भारत का एक प्रकार का पारंपरिक पकवान है और इसे देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग नामों से भी जाना जाता है।
गुझिया के कितने प्रकार के हैं नाम?
गुझिया को छत्तीसगढ़ में कुसली कहते हैं। इसी प्रकार से महाराष्ट्र में करंजी कहते हैं। बिहार में तो पेड़किया कहते हैं। आंध्र प्रदेश में कज्जिकयालु कहते हैं।
कितने प्रकार से बनाई जाती है गुझिया?
उत्तर भारत में होली और दक्षिण भारत में दीपावली के अवसर पर घर में गुझिया बनाने की परम्परा है। गुझिया मुख्य रूप से दो प्रकार बनाई जातीं है, एक मावा भरी गुझिया, दूसरी रवा भरी गुझिया। मावा इलायची भरी गुझिया के ऊपर चीनी की एक परत चढ़ाकर वर्क लगाकर इसको एक नया रूप भी देते हैं। मावा के साथ कभी कभी हरा चना, मेवा या दूसरे खाद्य पदार्थ मिलाकर, जैसे अंजीर या खजूर की गुझिया भी बनाई जाती हैं।
ये भी पढ़िए-
HOLI: रंग-गुलाल खेलने से पहले अपनी स्किन की सुरक्षा खातिर करिए ये उपाय, जानिए