Ministry Of Coal: कोयला मंत्रालय (Ministry Of Coal) के नामित प्राधिकरण ने वाणिज्यिक कोयला खान (commercial coal mine) नीलामी के तहत कोयला ब्लॉक के सफल बोलीदाताओं को 22 कोयला खानों के लिए अधिकार आदेश जारी किए हैं।
22 कोयला खानों में से 11 खदानें कोयला खान (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 2015 के अंतर्गत हैं और शेष खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 के अंतर्गत आती हैं। 16 कोयला खदानें पूरी तरह से खोजी गई खदानें हैं जबकि 6 खदानें आंशिक रूप से खोजी गई हैं।
Ministry Of Coal: राजस्व के साथ नौकरियों के भी अवसर बढ़ेंगे

22 कोयला खानों की संचयी चरम दर क्षमता (पीआरसी) 53 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) है और इसमें लगभग 6,379.78 मिलियन टन (एमटी) भूवैज्ञानिक भंडार हैं। इन खदानों से 9,831 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है और इससे 7,929 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश आकर्षित होगा। यह प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 71,467 लोगों को रोजगार प्रदान करेगा।
Ministry Of Coal: राज्य सरकारों को भी मिलेगा राजस्व
इन 22 कोयला खानों को पट्टे पर देने के साथ, कोयला मंत्रालय ने अब तक वाणिज्यिक नीलामी के तहत कुल 73 कोयला खानों के लिए 149.304 मिलियन टन प्रति वर्ष के संचयी पीआरसी के साथ निहित आदेश जारी किए थे। इससे राज्य सरकारों को 23,097.64 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व प्राप्त होगा और प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 2,01,847 लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित (created) होंगे।
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