Singrauli Breaking: बाजार बैठकी को लेकर प्रशासन का बड़ा फैसला आया है। ये फैसला सिंगरौली नगर निगम (Singrauli Nagar Nigam) की महापौर (Mayor) रानी अग्रवाल के प्रयासो का असर माना जा रहा है।
दरअसल, महापौर (Mayor) श्रीमती अग्रवाल ने चुनाव से पहले वादा किया था कि बाजार बैठकी माफ कर देंगे। फिर जब वह चुनाव जीती और उन्होंने एमआईसी (MIC) से प्रस्ताव पास कर बाजार बैठकी को बंद करने का निर्णय लिया। उनके प्रस्ताव को नगर निगम प्रशासन ने परिषद में न भेजकर शासन को भेज दिया था।
Singrauli Breaking: बाजार बैठकी का शुल्क हुआ बहुत कम
श्रीमती अग्रवाल ने दावा किया है कि उनके प्रस्ताव पर शासन ने बाजार बैठकी माफ तो नहीं की है लेकिन नाम मात्र की कर दी है। जिससे अब छोटे दुकानदारों को साल में सिर्फ 1 हजार, छह माह में 500 रूपये और प्रतिदिन करीब 2.50 रूपये बाजार बैठकी के रूप में देने होंगे। महापौर (Mayor) ने शासन के इस निर्णय को लेकर शुक्रवार 23 जून को फिर एमआईसी बैठक कर प्रस्ताव को पास कर दिया है। अब यह प्रस्ताव परिषद में जायेगा, जहां से इसे स्वीकृति मिल जायेगी और इसे लागू कर दिया जायेगा। महापौर (Mayor) ने कहाकि नगर निगम (Nagar Nigam) क्षेत्र में हजारों छोटे व्यापारियों और पटरी दुकानदारों को इस निर्णय से राहत मिलेगी। पटरी दुकानदारों ने भी हर्ष जताया है।
Singrauli Breaking: पटरी दुकानदार अभी तक ऐसे हो रहे थे परेशान
महापौर (Mayor) और आम आदमी पार्टी (Aam Admi party) की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती अग्रवाल ने बताया कि ठेकेदारों के द्वारा पटरी दुकानदारों से मनमानी वसूली की जाती थी। यदि नगर निगम द्वारा 20 रूपये निर्धारित किये गये थे, तो उसके बदले ठेकेदार के गुंडे इन दुकानदारों से 40 से 50 रूपये तक वसूलते थे। हमने चुनाव से पूर्व भी वादा किया था कि बैठकी माफ करेंगे, इसके अलावा महापौर (Mayor) का पदभार ग्रहण करने के बाद तमाम शिकायतें मिलीं। मैने स्वयं ही जयंत जाकर मनमानी पकड़ी थी। महापौर (Mayor) ने कहाकि ये लोग दिनभर में सौ-दो सौ रूपये कमाते हैं और ठेकेदार उनकी कमाई का चौथाई हिस्सा ले लेता है।
Singrauli Breaking: कई संघर्ष बाद मिली जनहित के प्रयास में सफलता
महापौर श्रीमती अग्रवाल ने बताया कि 29 मई को राज्य शासन ने भी हमारी मांग को उचित माना और बाजार बैठकी शुल्क को प्रतिदिन वसूली बंद करने की घोषणा की। महापौर श्रीमती अग्रवाल ने इससे पहले 28 नवंबर 2022 को मेयर इन काउंसिल द्वारा नगर क्षेत्र में बाजार बैठकी की वसूली समाप्त करने का निर्णय लिया था, लेकिन प्रकरण को परिषद की बैठक में नहीं रखा जा सका था। इस मुददे को लेकर महापौर और मेयर इन काउंसिल ने बहुत हंगामा और संघर्ष भी किया कि इस प्रकरण परिषद में रखा जाये लेकिन यह प्रकरण परिषद में नहीं रखा गया और शासन को भेज दिया गया था। (सिर्फ Vat News पर) इससे जुड़ी खबर पढ़ने क्लिक करिए…
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