मुरैना: FIR Against Former BJP MLA: जिले की सिविल लाइन थाना पुलिस ने कुशवाहा समाज के 100 से अधिक लोगों पर मामला दर्ज कर लिया है, जिसमें बीजेपी के पूर्व विधायक और समाज के कई लोग शामिल हैं। कल नेशनल हाईवे-44 पर उस वक्त हंगामा मच गया, जब कुशवाहा समाज के आंदोलन के दौरान भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया। पुलिस अधीक्षक और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। कांग्रेस के विधायक पंकज उपाध्याय पर भी कुशवाहा समाज की ज़मीनों पर कब्ज़ा करने के आरोप लगाए गए। कुशवाहा समाज के लोगों ने पुलिस पर बदमाशों को संरक्षण देने का आरोप भी लगाया।
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FIR Against Former BJP MLA: पुलिस ने कुशवाहा समाज के लोगों पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े। घटना में पुलिस लाइन के आरआई शशिकांत शुक्ला, सिविल लाइन थाना प्रभारी दर्शन शुक्ला और अन्य दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। सभी घायलों की मेडिकल जांच कराई गई है। पथराव की घटना के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ज्ञात और अज्ञात मिलाकर 100 से अधिक उपद्रवियों पर मामला दर्ज किया है। पुलिस अब वीडियो फुटेज के माध्यम से उपद्रवियों की पहचान कर नामों का खुलासा करने की तैयारी में है।
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FIR Against Former BJP MLA: जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि जब नेशनल हाईवे-44 पर ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाकर बैठे कुशवाहा समाज के लोगों से आरआई शशिकांत शुक्ला ने ट्रैफिक हटाने की अपील की, तभी कुछ उपद्रवियों ने अचानक पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद भीड़ न्यू हाउसिंग बोर्ड गेट की ओर बढ़ गई और वहां चक्का जाम कर दिया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए हल्का बल प्रयोग भी किया, क्योंकि जाम में एंबुलेंस और राहगीर फंसे हुए थे। प्रशासन की ओर से कहा गया कि कुशवाहा समाज के लोगों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में सभी मांगें स्वीकार कर ली गई थीं लेकिन फिर भी पथराव किया गया। फिलहाल, सिविल लाइन थाना पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और उपद्रवियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की बात कही जा रही है।
पुलिस ने “कुशवाहा समाज पर मामला दर्ज” क्यों किया?
नेशनल हाईवे-44 पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर पथराव, ट्रैफिक जाम, और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने की वजह से 100 से अधिक लोगों पर मामला दर्ज किया गया है।
क्या “कुशवाहा समाज पर मामला दर्ज” में कोई राजनीतिक व्यक्ति भी शामिल है?
जी हां, एफआईआर में बीजेपी के पूर्व विधायक सहित कई नामी लोग शामिल हैं। वीडियो फुटेज के आधार पर और भी नाम जोड़े जा सकते हैं।
क्या पुलिस ने प्रदर्शन में बल प्रयोग किया था?
हां, स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, ताकि रास्ता खोला जा सके और भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
क्या “कुशवाहा समाज पर मामला दर्ज” के बाद गिरफ्तारियां हुई हैं?
अब तक कुछ पहचान किए गए लोगों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस वीडियो फुटेज की जांच कर रही है।
क्या प्रशासन ने “कुशवाहा समाज” की मांगें मान ली थीं?
प्रशासन का दावा है कि ज्ञापन में उठाई गई सभी मांगें स्वीकार की जा चुकी थीं, इसके बावजूद पथराव और जाम जैसी घटनाएं हुईं।











