हैदराबाद, छह सितंबर तेलंगाना विधानसभा का सोमवार से शुरू हो रहा मानसून सत्र हंगामेदार रहने की संभावना है। सत्तारूढ़ कांग्रेस और मुख्य विपक्षी भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के बीच तीखी नोकझोंक के आसार हैं तथा भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कहा कि उनकी सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।
उन्होंने बीआरएस प्रमुख के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) पर दिसंबर 2023 में सत्ता गंवाने के बाद से विधानसभा और सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रहने का आरोप लगाया। रेड्डी ने केसीआर को चुनौती दी कि वह सदन में आकर कांग्रेस सरकार के 1,000 दिनों और बीआरएस के 10 साल के शासन पर बहस करें। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केसीआर से विपक्ष के नेता पद से इस्तीफा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किए हैं।
बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामाराव ने सरकार पर चुनावी वादे पूरे न करने और किसानों, छात्रों, बेरोजगार युवाओं एवं महिलाओं समेत विभिन्न वर्गों की समस्याएं बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीआरएस छात्रवृत्ति और फीस प्रतिपूर्ति, छात्रों के लिए पांच लाख रुपये के ‘भरोसा’ कार्ड तथा छात्राओं को ‘स्कूटी’ देने के वादों जैसे लंबित मुद्दे उठाएगा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पंजीकरण अधिनियम की धारा 22ए के तहत बड़े पैमाने पर जमीन को प्रतिबंधित सूची में शामिल किए जाने समेत अन्य मुद्दों पर सरकार को घेर सकती है।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने जुलाई में कहा था कि राज्य सरकार विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित करेगी जिसके तहत लोकसभा या विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 25 वर्ष से घटाकर 21 वर्ष करने का प्रस्ताव रखा जाएगा।
