Singrauli News: सिंगरौली जिले में सरई तहसील अन्तर्गत एपीएमडीसी (आंध्रप्रदेश मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) को आवंटित सुलियरी कोल ब्लॉक परियोजना से प्रभावित गांवों के विस्थापितों के लिए पुनर्वास एवं पुनर्व्यस्थापन स्कीम के तहत सभी आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक शानदार पुनर्वास कॉलोनी का निर्माण किया गया है।
खनुआ नया टोला स्थित 123 हेक्टेयर में फैले इस पुनर्वास कॉलोनी में विस्थापित परिवारों के लिए मकान और प्लॉट की व्यवस्था, पक्की सड़क, जल निकासी पाइप योजना, रौशनी की व्यवस्था, शुद्ध पेय जल, उचित मूल्य दूकान, आंगनबाड़ी भवन, हाट बाजार, विद्यालय भवन, सार्वजनिक खेल का मैदान,स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक भवन की स्थापना और शौचालयों की व्यवस्था जैसी बुनियादी जरूरतों का खास ख्याल रखा गया है।
परियोजना से विस्थापित परिवार को पुनर्वास के लिए इस कॉलोनी में 90X60 वर्ग फुट का प्लाट आवंटित किया गया है जो किसी भी परिवार के आवास के लिए पर्याप्त माना जाता है।
एपीएमडीसी मॉडल स्कूल में अब स्थानीय बच्चे अंग्रेजी माध्यम में नर्सरी से 10वीं तक की पढ़ाई कर सकेंगे। उल्लेखनीय है कि यहां स्थानीय बच्चों को अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई के लिए प्रतिकूल मौसम के बावजूद करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित सरई जाना पड़ता था, लेकिन अब उन्हें इसके लिए बाहर जाने की जरुरत नहीं है। पुनर्वास कॉलोनी के लगभग 1400 छात्र-छात्राओं की बेहतर पढ़ाई के लिए एक भव्य स्कूल का निर्माण किया गया है। इस स्कूल अत्याधुनिक स्कूल में 38 कमरे हैं। यहां विद्यार्थियों के संपूर्ण विकास एवं एक अनुकूल शिक्षण वातावरण बनाने के लिए आवश्यक लिए पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं , खेल सुविधाएं और कंप्यूटर लैब जैसी पर्याप्त सुविधाएँ उपलबध कराई गयी हैं। विद्यालय के प्रबंधन की जिम्मेदारी डीएवी को दी गयी है। उनकी पढ़ाई सीबीएसई बोर्ड के तहत प्रशिक्षित एवं योग्य शिक्षकों से करवाने की व्यवस्था की गयी है।
स्थानीय ग्रामीण अपने बच्चों को इस मॉडल स्कूल में भेजकर काफी खुश एवं सन्तुष्ट हैं। मझौली पाठ गांव से विस्थापित एवं आर एंड आर कॉलोनी में रह रही इन्द्र कुमारी साह कहती हैं कि, ” इस स्कूल में दाखिला के बाद उनके सभी तीन बच्चों की पढ़ाई के स्तर में काफी सुधार हुआ है।” जबकि संगीता साहू का कहना है कि, “पहले उनके बच्चों को गांव के स्कूल में ठीक से शिक्षा नहीं मिल पा रही थी लेकिन खनुआ इस स्कूल में नामांकन के बाद उनका काफी विकास तेजी से हुआ है।” उल्लेखनीय है कि आनेवाले दिनों में यहाँ के बच्चे अच्छी पढाई कर इस क्षेत्र का नाम रौशन करेंगे साथ हीं सामाजिक और आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभाएंगे।
आधुनिक चिकित्सा उपकरण और उपचार व्यवस्था से लैस हॉस्पिटल का निर्माण
स्वास्थ्य सुविधा के मद्देनज़र कॉलोनी परिसर में हीं आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से युक्त 32 बेड की क्षमता वाला हॉस्पिटल का निर्माण किया गया है, अब तक स्थानीय मरीजों को जिन सुविधाओं के लिए लगभग 70 किलोमीटर की दूरी तय कर वैढ़न स्थित जिला अस्पताल आना पड़ता था अब कोलोनीमें स्थित अस्पताल में अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, इसीजी जांच एवं विभिन्न प्रकार के रक्त परीक्षण की सुविधा भी उपलब्ध है। स्थानीय मरीजों के लिए 24 घंटे एम्बुलेंस एवं ऑक्सीजन की सुविधा मौजूद है। इस अस्पताल के आरम्भ होने से यहां के निवासियों ने राहत की सांस ली है। गौरतलब है कि किसी भी आपदा के समय एम्बुलेंस सेवाएँ एक महत्वपूर्ण जीवनरेखा होती हैं। ये सेवाएँ पीड़ितों की त्वरित प्राथमिक चिकित्सा, चिकित्सा देखभाल और परिवहन प्रदान करती हैं, जिससे स्थिति को संभालने और जीवन बचाने में मदद मिलती है।
एपीएमडीसी द्वारा सभी बुनियादी आवश्यकताओं का रखा गया विशेष ख्याल
पुनर्वास कॉलोनी के अंतर्गत 18 किलोमीटर पक्की सड़क और जल प्रवाह के लिए 28 किलोमीटर पक्की जल निकासी पाइप योजना का निर्माण किया गया है ताकि सालोभर जल जमाव की स्थिति नहीं हो। खास बात यह है कि हर प्लॉट रोड से जुड़ी है जिससे हर घर को सीधा सड़क से जोड़ा गया है। विस्थापितों को रात में भी आवागमन में कोई दिक्कतें नहीं हो, इसके लिए कॉलोनी के सभी सड़कों पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की गयी है। इसके साथ हीं बिजली की निरंतर आपूर्ति के लिए इस कॉलोनी के लिए अलग से विद्युत् सब स्टेशन का निर्माण करवाया गया है। विस्थापितों को पीने के लिए स्वच्छ पानी की व्यवस्था हेतु 550 लाख लीटर क्षमता वाले पानी का दो बड़े टैंक का निर्माण करवाया गया है साथ हीं वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया गया है। इसके लिए आठ लाख लीटर पानी की क्षमता के दो प्लांट लगाए गए हैं। अन्य सुविधाओं में सामुदायिक भवन, हाट बाजार परिसर, सार्वजनिक खेल का मैदान, उचित मूल्य की दूकान, आंगनवाड़ी केंद्र जैसी सुविधाएं विकसित की गयी है। बेहतरीन सुविधाओं से लैस सुलियरी कोल ब्लॉक परियोजना के विस्थापितों के लिए बनाई गयी पुनर्वास कॉलोनी निश्चित तौर पर आसपास के क्षेत्रों के क्षमता लिए एक उदहारण है।
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